सोलर पावर से रोशन हुआ उत्तर मध्य रेलवे, सौर ऊर्जा से घटाई 10 हजार टन जहरीली गैस; बचाए 7.7 करोड़ रुपये
उत्तर मध्य रेलवे ने छह महीनों में सोलर पैनलों से 1.23 करोड़ यूनिट हरित बिजली पैदा कर 10,375 मीट्रिक टन ...और पढ़ें
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HighLights
छह माह में 1.23 करोड़ यूनिट हरित बिजली का उत्पादन।
10,375 मीट्रिक टन कार्बन डाईआक्साइड उत्सर्जन को रोका।
रेलवे ने 7.7 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण बचत की।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे (एनसीआर) ने प्रकृति और पर्यावरण को बचाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। इस साल केवल छह महीनों (अप्रैल से सितंबर ) के भीतर रेलवे ने अपने सोलर पैनलों से 1.23 करोड़ यूनिट हरित बिजली तैयार की। इसका पर्यावरण और रेलवे दोनों को दोहरा फायदा मिला-पहला कि हवा साफ हुई।
सौर ऊर्जा के इस्तेमाल से 10,375 मीट्रिक टन कार्बन डाईआक्साइड जैसी नुकसानदेह गैस हवा में घुलने से रुक गई, जिससे वायु प्रदूषण में भारी कमी आई। कोयले व पारंपरिक बिजली पर निर्भरता घटने से रेलवे के 7.7 करोड़ रुपये भी बचे।
सीपीआरओ डॉ. शिवम शर्मा ने बताया कि महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन और बिजली विभाग के प्रमुख श्री जे.सी.एस. बोरा की देखरेख में सौर ऊर्जा का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। पिछले दो सालों में सोलर क्षमता 12.7 मेगावाट से बढ़कर अब 26.8 मेगावाट तक पहुंच चुकी है।
हम जल्द ही 18 मेगावाट के नए सोलर प्लांट और लगाने जा रहा है, जिससे इसकी कुल क्षमता 30 मेगावाट के पार हो जाएगी। ऊर्जा बचाने के इन्हीं बेहतरीन प्रयासों के लिए उत्तर मध्य रेलवे को राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कई बड़े पुरस्कार मिल चुके हैं।
