नाबालिग होने पर दर्ज हुआ था केस: गैंगस्टर एक्ट में किशोर को पांच साल की कैद, अलीगढ़ की अदालत ने सुनाया फैसला
अलीगढ़ की पाक्सो विशेष अदालत ने गैंगस्टर एक्ट के छह साल पुराने मामले में एक किशोर को दोषी करार दिया ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
गैंगस्टर एक्ट में किशोर को पांच साल की सजा।
अलीगढ़ की पाक्सो अदालत ने सुनाया फैसला।
बच्चों के अपहरण और फिरौती गिरोह का सदस्य।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। गैंगस्टर एक्ट के छह साल पुराने मामले में अदालत ने एक किशोर को पांच साल के कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। फैसला पॉक्सो की विशेष अदालत के न्यायाधीश अभिषेक कुमार बगड़िया ने सुनाया।
विशेष लोक अभियोजक महेश सिंह और रघुवंश शर्मा के मुताबिक, मामला देहलीगेट थाने से जुड़ा है। 30 जून 2020 को तत्कालीन एसएसआई अकरम क्षेत्र में चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को एक ऐसे संगठित गिरोह की जानकारी मिली, जो बच्चों का अपहरण कर फिरौती वसूलता था।
फिरौती और हत्या जैसी वारदात करने वाले गैंग में शामिल था किशोर
फिरौती नहीं मिलने पर हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देने के भी आरोप थे। पुलिस को पता चला कि इस गिरोह में एक किशोर भी शामिल है। सूचना के आधार पर पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना पूरी होने पर किशोर के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया गया। मामले की सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसे दोषी ठहराते हुए पांच साल के कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया।
