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अलीगढ़ में छह प्रमुख मार्ग बनेंगे टू-लेन: 11.82 करोड़ रुपये जारी, भारी वाहनों का दबाव होगा कम

Published: Sun, 20 Sep 2026 02:55 PM (IST)

अलीगढ़ में पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना के तहत तहसील व ब्लॉक मुख्यालयों को टू-लेन मार्गों से जोड़ा जाएगा, जिससे वाहनों का दबाव कम होगा और हादसे का खतरा घटेगा।

Aligarh News: सांकेतिक तस्वीर।

Aligarh News: सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना में तहसील-ब्लॉक मुख्यालय जुड़ेंगे टू-लेन से।

  2. अतरौली-पालीमुकीमपुर मार्ग 11.82 करोड़ से होगा चौड़ा।

  3. भारी वाहनों के बढ़ते बोझ के कारण सड़कों का सुदृढ़ीकरण।

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। Aligarh News: पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना में तहसील व ब्लाक मुख्यालय को टू लेन मार्गों से जोड़ा जाना है। इसमें मार्गों का निर्माण, चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण शामिल है। जिले में भी तहसील व ब्लाक मुख्यालय को टू लेन मार्गों से जोड़ा जाएगा। इसमें प्रमुख मार्ग शामिल किए गए हैं। इससे उन सड़कों पर वाहनों का बोझ कम होगा।

ग्रामीण क्षेत्र में भारी वाहनों का बोझ लगातार बढ़ रहा है। टू लेन मार्ग होने से हादसे का खतरा कम होगा। वाहन अपनी-अपनी लेन में होकर आसानी से गुजर सकेंगे।
वित्तीय वर्ष 2026-27 तक अतरौली-पालीमुकीमपुर मार्ग को 5.5 से सात मीटर चौड़ा किया जाएगा, जिसके लिए 11.82 करोड़ रुपये जारी हो चुके हैं। इस मार्ग के लिए 23.65 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत है। इस मार्ग की लंबाई 9.7 किलोमीटर है। सांकरा मार्ग को जोड़े जाने के कारण इस पर भारी वाहनों की संख्या बढ़ी है।

अतरौली-पालीमुकीमपुर मार्ग 5.5 मीटर से सात मीटर होगा चौड़ा

हरदुआगंज-कासिमपुर और छेरत-कासिमपुर मार्ग को भी पांच से सात मीटर किया जा रहा है। इस पर 20 करोड़ की लागत है। इस मार्ग पर सीमेंट फैक्ट्री होने के कारण दिन रात भारी लोडेड वाहन चलते हैं। हरदुआगंज तापीय विद्युत परियोजना ने निकलने वाली राख भी भारी वाहनों से सीमेंट फैक्ट्री तक जाती है।

पंडित दीनदयाल उपाध्याय योजना में तहसील व ब्लॉक मुख्यालय को टू लेन मार्गों से जोड़ेगा

अतरौली-छर्रा मार्ग सात से 10 मीटर, दादों-सांकरा मार्ग 3.75 से सात मीटर तथा हरदोई-प्यावली नरूपुरा-पनेहरा मार्ग 3.75 से 5.5 मीटर चौड़ा होगा। इन कार्यों पर करीब 40 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। अभी इन मार्गों के लिए बजट जारी नहीं किया गया है।

चीफ इंजीनियर विजय सिंह का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में भेजे गए प्रस्तावों की स्वीकृति और राशि अवमुक्त होना शुरू हो गई है। वाहनों के बोझ को देखते हुए सड़कों का चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है।

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ट्रैक्टर-ट्रॉली तक सीमित नहीं रहे ग्रामीण संपर्क मार्ग

ग्रामीण संपर्क मार्ग शुरुआती समय तीन से पौने चार मीटर चौड़े बनाए गए थे। शुरुआती समय में सिर्फ बैलगाड़ी, तांगे और ट्रैक्टरों का ही बोझ रहा। अब ट्रैक्टर-ट्रॉली का प्रयोग भट्ठों और मिट्टी खनन में भी किया जा रहा है। इसके अलावा टेंपों, मिनी लोडर, बसें, ट्रक और अन्य भारी वाहनों की संख्या बढ़ी है।

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वाहनों के बढ़ते बोझ को देखते हुए इन्हें पांच से साढ़े पांच मीटर तक कर दिया गया। इसके बाद लगातार बढ़ते भारी वाहनों और जरूरतों को देखते हुए चौड़ीकरण व सुदृढ़ीकरण पर जोर दिया जा रहा है।