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महिला एथलीट्स ने पहली बार कराया जीन टेस्ट: AFI ने बढ़ाई सख्ती, देश में नई व्यवस्था लागू

Published: Sat, 24 Oct 2026 09:05 AM (IST)

नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में महिला एथलीट्स के लिए जीन टेस्ट अनिवार्य कर दिया गया है ताकि उनकी क्षमता व काबिलियत ...और पढ़ें

दिल्ली में नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप से पहले जीन टेस्ट कराती महिला एथलीट। सौ. जिला एसोसिएशन

दिल्ली में नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप से पहले जीन टेस्ट कराती महिला एथलीट। सौ. जिला एसोसिएशन

HighLights

  1. महिला एथलीट्स के लिए जीन टेस्ट अनिवार्य किया गया

  2. एएफआई ने नेशनल चैंपियनशिप में सख्ती से लागू किया

  3. अलीगढ़ की एथलीट योगेश का भी पहली बार टेस्ट हुआ

गौरव दुबे, अलीगढ़। महिला एथलीट्स को उनकी क्षमता व काबिलियत का पूरा हक मिल सके, इसके लिए जीन टेस्ट की अनिवार्यता की गई है। नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में खेलने वाली हर महिला एथलीट को यह टेस्ट कराना अनिवार्य है। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआई) की ओर से यह व्यवस्था देशभर में अनिवार्य रूप से लागू की जा चुकी है। अलीगढ़ की महिला एथलीट इगलास निवासी कुमारी योगेश का आठ अक्टूबर 2026 को दिल्ली में पहली बार जीन टेस्ट किया गया। वे 65वीं नेशनल ओपन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में यूपी टीम में शामिल थीं।

नेशनल चैंपियनशिप में महिला वर्ग में कोई ट्रांसजेंडर अपनी पहचान छिपाकर अगर हिस्सा ले, तो पात्र एथलीट के साथ अन्याय होगा। क्योंकि इनकी क्षमता व शक्ति महिला से अधिक होती है।

इनकी पहचान कर पाना भी आसान नहीं होता। इसलिए एएफआई ने सेक्स-डिटरमाइनिंग रीजन वाई (एसआरवाई) टेस्ट अनिवार्य किया है।

एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बरती सख्ती, मांगी जा रही रिपोर्ट

यह टेस्ट महिला एथलीट को केवल एक बार ही कराना होगा। इसका खर्च एएफआई वहन करेगा। फेडरेशन ने इस संबंध में 2025 से सख्ती की थी। मगर, राज्यों की ओर से इसका शत-प्रतिशत अनुपालन नहीं किया जा रहा था। अब इसको सख्ती से क्रियान्वित कराया गया है। हर नेशनल चैंपियनशिप के बाद, किए गए टेस्ट की संख्या समेत समग्र रिपोर्ट भी एएफआई के पास भेजना सभी स्टेट एसोसिएशन के लिए अनिवार्य है।

आठ से 11 अक्टूबर तक दिल्ली में हुई नेशनल चैंपियनशिप में जांच

यूपी टीम मैनेजर विवेक चौधरी ने बताया कि आठ से 11 अक्टूबर तक दिल्ली में हुई नेशनल चैंपियनशिप में अलीगढ़ समेत यूपी की 12 एथलीटों का टेस्ट किया गया। एएफआइ प्लानिंग कमेटी के चेयरमैन ललित भनोट ने कहा कि प्रत्येक महिला एथलीट को उसकी क्षमता व प्रदर्शन का उचित फल प्राप्त हो, स्पर्धा में पारदर्शिता रहे, इसके लिए ये व्यवस्था अनिवार्य की गई है।

ये कहते हैं आंकड़े

  • 12 महिला एथलीट यूपी से शामिल हुईं
  • 1 एथलीट अलीगढ़ से भी
  •  8 अक्टूबर को जिले की एथलीट का पहली बार टेस्ट
  •  1 बार ही करानी होगी जांच

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पहले इस जीन टेस्ट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। दिल्ली में चैंपियनशिप से पहले यह टेस्ट कराया गया। फर्जीवाड़ा रोकने व पारदर्शिता लाने के लिए अच्छा कदम है।

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निधि, एथलीट, फिरोजाबाद

प्रतिभावान एथलीटों का हक कोई न मार सके, इसके लिए ये बेहतर व्यवस्था है। पहली बार यह टेस्ट दिल्ली में चैंपियनशिप से पहले कराया। एएफआइ ने अच्छी पहल की है।

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कुमारी योगेश, एथलीट, अलीगढ़