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AMU छात्र प्रतिनिधि चुनाव: लिंगदोह समिति की शर्तें नहीं, अब एएमयू कोड ऑफ कंडक्ट लागू

By Santosh SharmaEdited By: Abhishek Saxena
Published: Sat, 24 Oct 2026 11:47 AM (IST)

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव अब लिंगदोह समिति की सिफारिशों के बजाय एएमयू के कोड ऑफ कंडक्ट ...और पढ़ें

अलीगढ़ मुस्लिम विवि।

अलीगढ़ मुस्लिम विवि।

HighLights

  1. एएमयू छात्र चुनाव लिंगदोह समिति की सिफारिशों से हटकर होंगे

  2. अब विश्वविद्यालय के कोड ऑफ कंडक्ट के अनुसार चुनाव होंगे

  3. इस बदलाव से अधिक विद्यार्थियों को चुनाव लड़ने का मौका मिलेगा

जागरण संवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में विश्वविद्यालय कोर्ट के छात्र प्रतिनिधियों का चुनाव लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत नहीं, बल्कि एएमयू के कोड आफ कंडक्ट के अनुसार होगा। छात्रों की नाराजगी के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी ने अपना फैसला बदल दिया है। इस पर छात्रों ने खुशी जताई है। कहा है कि लिंगदोह समिति की सिफारिशें लागू होने पर कई विद्यार्थी चुनाव लड़ने से वंचित रह जाते।

एएमयू में करीब आठ साल बाद पांच नवंबर को छात्र प्रतिनिधियों के चुनाव होने हैं। इसके लिए पहले लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत चुनाव कराने की व्यवस्था की गई थी।

इस पर छात्रों ने आपत्ति जताई थी। तर्क था कि विश्वविद्यालय कोर्ट और छात्रसंघ की भूमिका अलग-अलग है। दोनों के चुनावों के लिए एक जैसे नियम लागू करना उचित नहीं है।

एएमयू के कोड ऑफ कंडक्ट के अनुसार होगा चुनाव

छात्रों की आपत्ति के बाद चुनाव अधिकारी ने व्यवस्था में बदलाव करते हुए एएमयू के कोड आफ कंडक्ट के अनुसार चुनाव कराने का निर्णय लिया है। छात्रों का कहना है कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत चुनाव लड़ने के लिए 75 प्रतिशत उपस्थिति और निर्धारित आयु सीमा जैसी शर्तें लागू होती हैं। इसके अलावा अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे या जिनके मामले विचाराधीन हैं, ऐसे विद्यार्थियों की उम्मीदवारी भी प्रभावित हो सकती है।

वहीं, एएमयू कोड ऑफ कंडक्ट के तहत इन शर्तों को उसी तरह लागू नहीं किया जाता। ऐसे में अधिक विद्यार्थियों को चुनाव लड़ने का अवसर मिल सकेगा। 

चुनाव प्रचार भी बढ़ता जा रहा है

चुनाव प्रचार में लगे दावेदार एएमयू में छात्र संघ चुनाव के नामांकन की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है चुनाव प्रचार भी बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को भी दावेदारों ने विभिन्न हाल में जाकर प्रचार किया। सबसे ज्यादा जमावड़ा लाइब्रेरी कैंटीन पर रहा। यहां दावेदारों ने छात्रों को संबोधित कर अपने पक्ष में समर्थन मांगा।

छात्रों के पंजीकरण और फीस संबंधी समस्याएं उठाईं

एएमयू में छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मुहम्मद जुहैर ने छात्रों के पंजीकरण और फीस संबंधी समस्याओं को लेकर कंट्रोलर से मुलाकात की। उन्होंने मांग की कि किन्हीं कारणों से पंजीकरण नहीं करा सके विद्यार्थियों के लिए पोर्टल दोबारा खोला जाए, ताकि कोई भी छात्र पहली बार मतदान करने के अधिकार से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि 26 अक्टूबर को मतदाता सूची जारी होनी है। ऐसे में पंजीकरण का अवसर जल्द दिया जाना जरूरी है।

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फीस के लिए दी जाए दो किस्तों की अनुमति

मुहम्मद जुहैर (एमटेक) ने कहा कि जिन विद्यार्थियों की फीस का पूरा भुगतान नहीं हो पाया है, उन्हें आवेदन के आधार पर दो किस्तों में फीस जमा करने की अनुमति दी जाए। इससे आर्थिक या अन्य कारणों से फीस जमा नहीं कर पाने वाले विद्यार्थियों को राहत मिल सकेगी। उन्होंने शोधार्थियों का मुद्दा भी उठाया।

जुहैर के अनुसार, कुछ वरिष्ठ शोधार्थियों से पांच बार फीस ली जा चुकी है, जबकि उन्हें शोध करते हुए अभी चार वर्ष ही हुए हैं। ऐसे विद्यार्थियों के लिए भी पंजीकरण पोर्टल खोला जाए। साथ ही उन्हें विश्वविद्यालय के पहचान पत्र जारी करने और विश्वविद्यालय की सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। मुहम्मद जुहैर ने बताया कि कंट्रोलर ने इन मांगों पर विचार करते हुए अगले दिन तक समाधान की दिशा में कदम उठाने का आश्वासन दिया है।