अलीगढ़ रिंग रोड: 37 गांवों में भूमि अधिग्रहण का रास्ता साफ, अधिसूचना जारी, दावे-आपत्तियों का आखिरी मौका
अलीगढ़ रिंग रोड के लिए 37 गांवों की 357.65 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की अधिसूचना जारी हो गई है। भूमि मालिक ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
37 गांवों की 357.65 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण के लिए अधिसूचित।
केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय ने अधिसूचना जारी की।
भूमि मालिक 21 दिन में दावे-आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। शहर की रिंग रोड के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर बना असमंजस दूर होने लगा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 22 सितंबर को रिंग रोड के लिए अधिसूचना जारी कर दी। इसमें 37 गांवों की 357.6565 हेक्टेयर भूमि का गाटावार ब्योरा दिया गया है। किस गांव के किस गाटे से कितनी जमीन ली जानी है, भूमि निजी है या सरकारी और उसका उपयोग क्या है, यह सब इसमें दर्ज है।
प्रभावित जमीन की पहचान स्पष्ट होने के बाद अधिग्रहण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3ए के तहत जारी अधिसूचना में करीब 33.380 किलोमीटर लंबे छह लेन के ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे (रिंग रोड) के निर्माण, रखरखाव, प्रबंधन व संचालन के लिए भूमि अधिग्रहण का इरादा जाहिर किया गया है।
मुख्य बिंदु-
- 33.38 किमी कुल लंबाई
- 37 गांव इससे कुल प्रभावित
- 10 गांव गभाना तहसील के शामिल
- 27 गांव कोल तहसील के लिए गए
लोगों को अपनी बात रखने का अवसर
अधिसूचना में प्रत्येक गांव के गाटा व क्षेत्रफल की जानकारी दी गई है। बताया गया है कि संबंधित जमीन निजी है या सरकारी। कई गाटाओं में निजी कृषि भूमि है, जबकि कहीं सरकारी नाली, सड़क, चकरोड, आबादी, बंजर व परती भूमि दर्ज है। स्पष्ट होगा कि रिंग रोड की जद में किसकी कितनी जमीन आ रही है।
प्रभावित लोगों को अपनी बात रखने का अवसर भी दिया गया है। अधिसूचना प्रकाशित होने की तारीख से 21 दिन के भीतर संबंधित भूमि में हित रखने वाला व्यक्ति लिखित आपत्ति सक्षम प्राधिकारी यानी विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के समक्ष दर्ज करा सकता है। इसके बाद आपत्तियों पर सुनवाई की जाएगी।
आपत्ति निस्तारण के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ग्रामीणों के सामने गाटावार विवरण आने से यह स्पष्ट हो गया है कि परियोजना में उनकी कितनी जमीन शामिल है। इस क्षेत्र में जमीन की खरीद-फरोख्त को लेकर भी कई लोग सक्रिय हैं।
गभाना के 10 और कोल के 27 गांव
रिंग रोड के लिए गभाना तहसील के 10 व कोल तहसील के 27 गांवों की जमीन शामिल की गई है। गभाना में पला सल्लू, कोरह रुस्तमपुर, सांगौर, खेरिया हैबत खां, कलुआ, दादूपुर कोटा, सुमेरपुर, समस्तपुर कोटा व अमरौली गांव शामिल हैं।
कोल तहसील में कस्तली वैश्य, पला मजरा कस्तली वैश्य, चंदौखा, छेरत सुढ़ियाल, साठा, खेरूपुरा, सपेरा भानपुर, किठारा, जटपुरा, बरौठ, मोरथल, मोहनपुर, नयाबांस नरेंद्रगढ़ी, आजमाबाद मछुआ, सिकंदरपुर मछुआ, खान आलमपुर, इमलानी, मई, महमूदपुर जमालपुर, चंगेरी, भोजपुर, अलहदादपुर, पनैठी, अदौन, जुलूपुर सिहोर, बरौठा और हरदुआगंज शामिल हैं।
