अलीगढ़ ट्रांसपोर्ट नगर प्लॉट नीलामी में दोगुने दाम पर बिके प्लॉट, दिल्ली-NCR के निवेशकों ने दिखाई दिलचस्पी
अलीगढ़ के ट्रांसपोर्ट नगर में 84 प्लॉटों की नीलामी हुई, जिसमें दिल्ली-एनसीआर के निवेशकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। एक ...और पढ़ें

रामघाट रोड स्थित एडीए कार्यालय में टीपी नगर के रिक्त भूखंड को आयोजित नीलामी में बोली लगाते आवेदक। जागरण
HighLights
एडीए को प्लॉट नीलामी से ₹43 करोड़ का राजस्व मिला।
दिल्ली-एनसीआर के निवेशकों ने भी नीलामी में भाग लिया।
एक प्लॉट निर्धारित मूल्य से दोगुने से अधिक में बिका।
जागरण संवाददाता, अलीगढ़। अलीगढ़ में जमीन का बाजार अब दिल्ली-एनसीआर के निवेशकों को भी आकर्षित कर रहा है। इसका उदाहरण अलीगढ़ विकास प्राधिकरण (एडीए) की खैर रोड स्थित ट्रांसपोर्टनगर योजना के प्लॉट की नीलामी में देखने को मिला। यहां 19 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित दर वाला प्लॉट 39,700 रुपये प्रति वर्ग मीटर में बिका। यानी निर्धारित कीमत से दोगुने से भी अधिक बोली लगी।
नीलामी से प्राधिकरण को करीब 43 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। शनिवार को सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक चली प्रक्रिया में स्थानीय खरीदारों के साथ दिल्ली, नोएडा व गाजियाबाद के निवेशकों ने भी भाग लिया। 20 प्रतिशत से अधिक आवेदक अलीगढ़ जिले से बाहर के हैं।
कुल 380 आवेदन प्राप्त, 84 प्लॉट की नीलामी
एडीए ने 2023 में टीपी नगर योजना लांच की थी। इसमें 1900 छोटे-बड़े प्लॉट विकसित किए गए थे। अब अधिकतर का आवंटन हो चुका है, लेकिन 98 प्लॉट रिक्त चल रहे हैं। ऐसे में इनके लिए पिछले दिनों आवेदन मांगे गए थे। इसमें कुल 380 आवेदन प्राप्त हुए थे।
रामघाट रोड स्थित एडीए सभागार में शुक्रवार को इनमें से 84 प्लॉट की नीलामी हुई। सात प्लॉट के लिए एक-एक आवेदन आया, जबकि सात प्लॉट के लिए कोई आवेदन नहीं मिला। खास बात यह रही कि किसी भी प्लॉट की बोली निर्धारित आधार मूल्य पर नहीं रुकी। सभी नीलाम प्लॉट के लिए आधार मूल्य से अधिक बोली मिली।
खरीदारों के बीच खासा उत्साह
1200 वर्ग मीटर के एक प्लॉट की निर्धारित दर 25 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर थी, जिसके लिए अधिकतम बोली 25400 रुपये प्रति वर्ग मीटर लगी। वहीं 19 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर वाले प्लॉट के लिए 39,700 रुपये प्रति वर्ग मीटर तक बोली पहुंच गई। इससे स्पष्ट है कि खरीदारों के बीच कुछ प्लॉटों को लेकर खासा उत्साह रहा।
नीलामी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए प्रत्येक नीलामी की वीडियोग्राफी कराई गई। प्रक्रिया के बाद संबंधित प्लॉट पर बोली लगाने वाले आवेदकों के हस्ताक्षर भी कराए गए। एडीए उपाध्यक्ष कुलदीप मीणा के निर्देश पर नीलामी के लिए चार समितियां गठित की गई थीं। उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से संपन्न हुई।
प्लॉट आवंटन के बाद अब संचालन की चुनौती
ट्रांसपोर्ट नगर योजना में भले ही अधिकतर प्लॉटों का आवंटन हो चुका है, लेकिन अब एडीए के सामने इसका संचालन शुरू कराना सबसे बड़ी चुनौती है। स्थिति यह है कि अभी तक परिसर में एक भी निर्माण नहीं हुआ है और न ही ट्रकों की पार्किंग शुरू हो सकी है।
पिछले दिनों एडीए ने सड़क किनारे ट्रक खड़े करने वाले लोगों को नोटिस जारी कर ट्रांसपोर्ट नगर परिसर में वाहन खड़े करने के निर्देश दिए थे, लेकिन इसका असर अब तक नहीं दिखा। परिसर में जरूरी सुविधाओं का भी अभाव है। ऐसे में इसे धरातल पर संचालित कराना बड़ी चुनौती है।
