आगरा में VIP नंबर प्लेट्स का जुनून: 0786 और 0108 जैसे नंबरों के लिए लाखों की बोली
आगरा में लोग अपनी गाड़ियों के लिए वीआईपी नंबर प्लेट्स पर मोटी रकम खर्च कर रहे हैं, जिसमें 0786 और ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
वीआईपी नंबर प्लेट्स के लिए आगरा में भारी क्रेज।
0786, 0108 जैसे नंबरों की सर्वाधिक मांग।
पसंदीदा नंबरों के लिए 1.15 लाख तक की बोली।
जागरण संवाददाता, आगरा। गाड़ी खरीदने के बाद उसकी नंबर प्लेट पर कौन-सा नंबर लिखा होगा, यह कई लोगों के लिए मायने रखता है। शहरवासी धार्मिक आस्था से जुड़े 0768 या 0108 नंबर को अपनी गाड़ी की पहचान बनाना चाहते हैं। कुछ लोगों की पहली पसंद 0001 से लेकर 0009 तक के नंबर बने हुए हैं। वीआइपी (फैंसी) नंबरों का शौक इतना बढ़ गया है कि लोग अपनी पसंद का नंबर पाने के लिए अच्छी-खासी रकम खर्च करने को तैयार रहते हैं। आरटीओ के अनुसार, वीआईपी नंबर के लिए अब तक अधिकतम एक लाख 15 हजार रुपये तक की बोली लग चुकी है।
इस वर्ष अधिकतम एक लाख 15 हजार रुपये तक की लग चुकी है बोली
एआरटीओ प्रशासन विनय सिंह ने बताया कि दो-तीन साल से कार के लिए फैंसी नंबर के लिए अधिक आवेदन आएं हैं। अभी कुछ समय से गाड़ियों की नंबर प्लेट पर जन्मतिथि वर्ष की भी डिमांड बढ़ी है। वहीं, बाइक व कार की नंबर प्लेट के लिए 0786, 0108, 0001 से 0009, 1111, 2222, 3333, 4444, 5555, 6666, 7777, 8888 और 9999 नंबर की मांग सर्वाधिक है। इन नंबरों को पाने के लिए बाइक व कार मालिक क्रमश: 20 हजार और एक लाख रुपये खर्च करने को तैयार हैं।
जिन नंबरों के लिए अधिक आवेद, उसके लिए नीलामी की प्रक्रिया
एआरटीओ ने बताया कि जिन नंबरों के लिए अधिक आवेदन आते हैं, तो उस नंबर की नीलामी की जाती है। प्रक्रिया में भाग लेने के लिए आवेदकों को ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करना होता है। जो जितनी अधिक बोली लगाता है, उसी को वह नंबर आवंटित कर दिया जाता है। नीलामी में भाग लेने के लिए बाइक व कार मालिकों को तय राशि का तीसरा भाग आरटीओ में जमा कराना होता है। नंबर प्राप्त न होने की स्थिति में जमा की हुई रकम वापस कर दी जाती है।
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नंबरों की नीलामी को प्रत्येक दो महीने बाद सीरिज खुलती है, पसंदीदा नंबर के लिए लोग आनलाइन आवेदन कर सकते हैं। बताया कि इसके साथ ही 0010, 0011, 0022, 0033, 0044, 0055, 0066, 0077, 0088 और 0099 नंबरों की भी डिमांड है।
नए वाहनों के पंजीकरण के समय ही आवंटित किए जाते हैं वीआईपी नंबर
विनय कुमार सिंह ने बताया कि पहली श्रेणी के नंबरों के लिए बाइक और कार चालक को क्रमश: 20 हजार और एक लाख चुकाने होते हैं। दूसरी श्रेणी के नंबरों के लिए बाइक और कार चालक को क्रमश: 10 हजार और 50 हजार रुपये का भुगतान करना होता है। बताया कि फैंसी या वीआइपी नंबरों के लिए नए वाहनों के पंजीकरण के समय ही आवंटित किए जाते हैं।
