यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नकली किन्नरों से मिलेगा जनता को छुटकारा! खुलकर अपनी समस्याएं बताएंगे शहर के मंगलामुखी, मदद करेगी आगरा पुलिस
Agra News आगरा पुलिस के साथ हुई बैठक में किन्नरों ने बताया कि कुछ नकली किन्नर सड़कों पर वसूली कर ...और पढ़ें

HighLights
- कमिश्नरेट में पुलिस ने पहली बार बुलाई किन्नरों की बैठक, जानी समस्या
- अपर पुलिस उपायुक्त के सामने छलका दर्द, बोले नकली कर रहे बदनाम
जागरण संवाददाता, आगरा। Agra News: सड़कों पर वाहनों से वसूली करने वाले, रात के अंधेरे में ट्रकों को रोककर गलत काम करने वाले नकली किन्नर हैं। कुछ बहरूपिया हम असली किन्नरों को बदनाम कर रहे हैं। शुक्रवार को कमिश्नरेट में पुलिस ने पहली बार किन्नरों की बैठक बुलाकर उनकी समस्या पूछी तो दर्द छलक उठा।
किन्ररों ने कहा पुलिस ने पहली बार सम्मान के साथ बैठाया और समस्या सुनी। निर्णय हुआ कि किन्नर गुरु असली चेलों की सूची पुलिस को देंगे। पुलिस वाट्सएप ग्रुप बनाकर उन्हें शामिल करेंगे। जिससे कोई समस्या होने पर ग्रुप में मैसेज कर पुलिस से मदद मांग सकें।
पुलिस लाइन में है ट्रांसजेंडर सेल
पुलिस लाइन में ट्रांसजेंडर सेल है। अपर पुलिस उपायुक्त प्रोटाेकाल पूनम सिरोही ने सेल में ट्रांसजेंडर का रिकार्ड देखा तो उसमें सिर्फ 98 किन्ररों का ही ब्यौरा था। पूर्व में किन्नरों के गुटों में बधाई को लेकर चाकूबाजी और मारपीट की कई घटनाएं हुई थीं।
पुलिस से खुलकर अपनी समस्याएं बताएं
पुलिस उपायुक्त द्वारा किन्नरों से बातचीत की,कहा कि पुलिस उनकी मदद करना चाहती है। वह खुलकर अपनी समस्या बताएं। किन्नरों ने बताया कि वह नकली किन्रर बनकर घूमने और वसूली करने वालों से परेशान हैं। नकली किन्नर उन्हें बदनाम कर रहे हैं। अपर पुलिस उपायुक्त पूनम सिरोही ने बताया कि किन्ररों को ट्रांसजेंटर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 और ट्रांसजेंडर प्रसेंस प्रोटेक्टशन रूल्स 2020 के बारे में जानकारी दी।

डाटा जुटाने में सामने आ रही थीं ये समस्याएं
- थानों में ट्रांसजेंडर का कोई रिकॉर्ड नहीं है
- बीट आरक्षी को भी नहीं पता कि वह कहां रहते हैं
- किन्नर जल्दी अपना और गुट के लोगों का नाम-पता नहीं बताते हैं
- वह कहां रहते हैं, उनका इलाका कहां तक पड़ता है, यह सब जानकारी देने से बचते हैं
- विरोधी गुट के बारे में भी अधिक जानकारी नहीं देते हैं। इसका एक कारण अविश्वास भी है
शहर के इस स्थान पर रहते हैं सबसे अधिक किन्नर
सबसे ज्यादा किन्नर सराय ख्वाजा शाहगंज में रहते हैं। प्रकोष्ठ के पास उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार यहां 16 किन्नर हैं, इसके कोतवाली में 10 और नाई की मंडी में छह किन्नर रहते हैं। प्रकोष्ठ की पहल पर शाहगंज में लिखा पहला मुकदमा ट्रांसजेंडर सुरक्षा प्रकोष्ठ की मदद से पहला मुकदमा इस एक अक्टूबर को दर्ज कराया गया। पीड़ित किन्नर ने हिस्ट्रीशीटर गोकश सलीम पड्डे वाला के पुत्रों पर चौथ मांगने का आरोप लगाया था।
आगरा में इससे पहले काफी बार किन्नरों के झगड़े सामने आए हैं। काफी बार लोग घायल हुए हैं।
