जियो आईपीओ में निवेश करने का आखिरी मौका, 1977 के रिलायंस IPO जैसे फायदे की उम्मीद में निवेशक
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ निवेशकों के लिए खुल गया है, जिस पर शेयर बाजार विशेषज्ञ लंबी अवधि के निवेश की सलाह दे रहे हैं।

HighLights
जियो आईपीओ 23 अक्टूबर तक खुला, आवंटन 26 अक्टूबर को।
विशेषज्ञों ने जियो आईपीओ में लंबी अवधि के निवेश की सलाह दी।
बाजार की खराब स्थिति के बावजूद मुनाफे की उम्मीद जताई गई।
जागरण संवाददाता, आगरा। जियो प्लेटफार्म का आईपीओ बुधवार को खुल गया। इसको लेकर निवेशकों में लंबे समय से इंतजार था। ये 23 अक्टूबर तक खुला है। ऐसे में निवेशकों और शेयर मार्केट विशेषज्ञों में काफी उत्साह है। उनका कहना है कि निवेश का फैसला केवल कंपनी के नाम के आधार पर नहीं करना चाहिए, बल्कि मौजूदा मार्केट की स्थिति और संभावनाओं को लेकर करना चाहिए।
जियो आईपीओ में लंबा निवेश करना ही बेहतर विकल्प है। तीन से चार साल तक इसमें निवेश करके भूल जाएं। वैश्विक गतिविधियों के कारण मार्केट की स्थिति काफी खराब है। जियो को इसे अभी लांच नहीं करना चाहिए था। थोड़ा समय रुककर जारी होता तो मुनाफे का प्रतिशत ज्यादा होता, उम्मीद है कि ये मुनाफा देगा। जिस तरह से 1977 में रिलायंस के आईपीओ से लाखों का फायदा मिला था।
कम से कम तीन से चार साल का धैर्य जरूरी
शेयर मार्केट विशेषज्ञ विदित बंसल ने बताया कि आईपीओ को लंबी अवधि के नजरिये से देखें तभी फायदा है। अच्छी कंपनी का शेयर भी यदि महंगे मूल्य पर खरीदा जाए, तो उससे अपेक्षित रिटर्न मिलना जरूरी नहीं है। निवेशक लिस्टिंग के दिन मुनाफा कमाने के उद्देश्य से आवेदन करने के बजाय कम से कम तीन से चार साल का धैर्य रखें।
उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय आय, मुनाफे और कारोबार के विस्तार पर नजर रखें। हालांकि, लंबी अवधि में भी नुकसान की आशंका रहती है। इस समय कई लोग आईपीओ लेना चाह रहे होंगे। ऐसे में सलाह दी गई है कि स्वजन में जितनों के पास भी डीमैट अकाउंट है सबके खाते से आवेदन कर दें। इससे किसी के भी खाते में आईपीओ मिलने की संभावना बन जाएगी।
26 को होगा शेयरों का आवंटन
जियो प्लेटफार्म का आईपीओ 23 अक्टूबर तक खुला है। इसका प्राइस बैंड 1065 से 1119 रुपये प्रति शेयर तय है। एक लाट में 12 शेयर हैं और ऊपरी मूल्य पर न्यूनतम आवेदन राशि 13428 रुपये है। शेयरों का आवंटन 26 अक्टूबर को और बाजार में लिस्टिंग 28 अक्टूबर को संभावित है।आईपीओ के जरिए करीब 30213 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।
इन आईपीओ में भी फायदा
शेयर मार्केट विशेषज्ञों का कहना है कि वारी, एकमे इंडिया इंडस्ट्री, एवरेस्ट आईएमएस टेक्नोलाजी, वैंस इलेक्ट्रोइंजीनियरिंग, एसजेपी अल्ट्रासानिक्स पिछले कुछ समय से बेहतर रिटर्न दे रही हैं। बाकी मार्केट में उतार चढ़ाव की स्थिति कायम है।
विशेषज्ञों की राय
निवेश से पहले मूल्यांकन और भविष्य के खर्च को समझना जरूरी है। कम समय में मुनाफा सोचना घाटा भी दे सकता है। -सीए गौरव सिंघल, विशेषज्ञ
कंपनी का डिजिटल इकोसिस्टम काफी मजबूत है। एआई में भी अभी और विकास की संभावनाएं हैं। ऐसे में इसे लंबी निवेश की नजर से देखा जा सकता है। -सीए नितेश गुप्ता
कंपनी की प्रतिष्ठा ही आईपीओ पर भरोसे के लिए पर्याप्त नहीं है। शेयर की कीमत, मुनाफे की वृद्धि और प्रतिस्पर्धा का आकलन करके फैसला लेना चाहिए। -प्रफुल अग्रवाल, शेयर विशेषज्ञ
आईपीओ लांच होते ही जियो सब्सक्रिप्शन में तीन गुना इजाफा हुआ। मार्केट की स्थिति खराब है ऐसे में अगर थोड़े समय बाद आईपीओ जारी होता तो फायदा हो सकता था। -सीए सचिन बूबना, विशेषज्ञ
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