इंडिया एआई फेलोशिप: AI शोध के लिए छात्रों को मिलेगी लाखों की वित्तीय मदद, PhD शोधार्थियों को मासिक स्टाइपेंड
इंडिया एआई फेलोशिप 2026-27 के तहत स्नातक, परास्नातक और पीएचडी छात्रों को एआई शोध के लिए वित्तीय सहायता मिलेगी।

प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
HighLights
स्नातक को एक लाख, परास्नातक को दो लाख रुपये मिलेंगे।
पीएचडी शोधार्थियों को मासिक स्टाइपेंड और रिसर्च ग्रांट मिलेगा।
अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस के लिए भी एक लाख रुपये तक की सहायता।
जागरण संवाददाता, आगरा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के क्षेत्र में शोध करने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए इंडिया एआई फेलोशिप 2026-27 करने का अवसर है। इसके तहत स्नातक और परास्नातक स्तर के छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। वहीं पीएचडी शोधार्थियों को मासिक स्टाइपेंड के साथ रिसर्च ग्रांट भी मिलेगा। इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट https://fellowship.indiaai.gov.in पर जाकर 30 नवंबर तक आवेदन कर सकते हैं।
इंडिया एआई फेलोशिप 2026-27 में कुल 13,500 फेलोशिप का लक्ष्य है। हालांकि आवेदन के साथ संबंधित संस्थान की मंजूरी और गाइड के हस्ताक्षर की प्रक्रिया 20 नवंबर तक पूरी करनी होगी। इसमें यूजी छात्रों को एक लाख रुपये और पीजी छात्रों को दो लाख रुपये मिलेंगे।
पीएचडी शोधार्थियों के लिए हर महीने 70,000 से 80,000 रुपये तक स्टाइपेंड और सालाना दो लाख रुपये का रिसर्च ग्रांट निर्धारित है। इसके साथ ही सहायता की वास्तविक योग्यता और राशि संबंधित श्रेणी के नियमों के अनुसार तय होगी। आवेदन मिलने के बाद सबसे पहले शैक्षणिक योग्यता और दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
इसके बाद विशेषज्ञों की ओर से शोध प्रस्ताव का मूल्यांकन किया जाएगा। आवेदन के लिए संस्थान के लेटरहेड पर हस्ताक्षर और मुहर लगा मंजूरी पत्र, सेमेस्टर की मार्कशीट, एआई कोर्स को प्रमाणपत्र, रिसर्च प्रस्ताव, अपार आईडी, छात्र पहचान पत्र और बैंक खाते से संबंधित प्रमाण देना होगा। बैंक प्रमाण के तौर पर अपने नाम का कैंसिल चेक अथवा पासबुक के पहले पन्ने की प्रति देनी होगी। पीजी के विद्यार्थी गेट स्कोर कार्ड से भी आवेदन कर सकते हैं।
इन विषयों के विद्यार्थी कर सकते हैं आवेदन
मशीन लर्निंग, कंप्यूटर विजन, नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, रोबोटिक्स, एप्लाइड मैथमेटिक्स, मैकेनिकल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, कम्प्यूटेशनल बायोलाजी, लीगल इन्फार्मेटिक्स तथा काग्निटिव साइंस जैसे क्षेत्रों में पढ़ाई या शोध करने वाले विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। उनका रिसर्च प्रोजेक्ट एआई से संबंधित होना चाहिए। इसके साथ ही इन छात्रों को एआई या डेटा साइंस के तीन मान्य कोर्स करने होंगे।
विदेश में कान्फ्रेंस के लिए भी मदद
अंतरराष्ट्रीय कान्फ्रेंस में रिसर्च पेपर स्वीकृत होने पर छात्र को यात्रा, पंजीकरण और ठहरने के खर्च के लिए एक बार में एक लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता मिल सकती है।
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