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IIT मद्रास का बड़ा कदम: एआई से नौकरियों पर असर और री-स्किलिंग पर जारी करेगा श्वेत पत्र

Published: Thu, 22 Oct 2026 11:40 PM (IST)

आईआईटी-मद्रास एआई के नौकरियों पर प्रभाव, कर्मचारियों को नए कौशल सिखाने और वैश्विक मानकों पर एक श्वेत पत्र जारी करेगा।

आइआइटी मद्रास एआई के नौकरियों पर प्रभाव पर श्वेत पत्र

आइआइटी मद्रास एआई के नौकरियों पर प्रभाव पर श्वेत पत्र

HighLights

  1. आईआईटी मद्रास एआई के नौकरियों पर प्रभाव पर श्वेत पत्र

  2. प्रभावित कर्मचारियों के लिए पुनः कौशल प्रशिक्षण के उपाय सुझाएगा

  3. एआई जागरूकता बढ़ाने हेतु 500 वीडियो जारी किए जाएंगे

डिजिटल डेस्क, चेन्नई। एआई से नौकरियों पर संकट की आशंकाओं के बीच आइआइटी- मद्रास विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) के प्रभाव, कर्मचारियों को नए कौशल सिखाने से संबंधित पहल पर श्वेत पत्र जारी करेगा। श्वेत पत्र में एआइ के वैश्विक मानकों पर भी जानकारी दी जाएगी।

'एआइ गवर्नेंस 2026' सम्मेलन के दौरान आईआईटी- मद्रास के निदेशक वी. कामकोटि ने यह घोषणा की। श्वेत पत्र में उन क्षेत्रों की पहचान की जाएगी, जहां एआई से रोजगार प्रभावित हो सकते हैं। साथ ही, प्रभावित कर्मचारियों को दूसरे क्षेत्रों में काम करने के लिए आवश्यक पुनः कौशल प्रशिक्षण (री-स्किलिंग) के उपाय भी सुझाए जाएंगे।

कामकोटि ने कहा कि आइआइटी- मद्रास, 'बेटर इंडिया' के साथ मिलकर एआइ के बारे में जागरूकता बढ़ाएगा। इसके तहत विभिन्न क्षेत्रों में एआइ के उपयोग और जीवन की गुणवत्ता में सुधार पर आधारित 500 वीडियो जारी किए जाएंगे।'

एआई गवर्नेंस 2026' से इतर एएनआइ से बात करते हुए कामकोटी ने कहा, एआइ का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए एआइ के बारे में लोगों को जागरूक करने, किफायती एआइ समाधान विकसित करना जरूरी है। पूरी दुनिया में एआई के इस्तेमाल के लिए समान नियम होने चाहिए।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)