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उत्तर प्रदेश में एआई डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर से 20 हजार रोजगार के अवसर, 7.7 अरब डॉलर के प्रस्तावित निवेश

Published: Sat, 24 Oct 2026 07:54 PM (GMT+05:30)

ट्राइफैक्टाकनेक्स के सीईओ आदर्श त्यागी ने टेक संगम-2026 में उत्तर प्रदेश में $7.7 अरब के एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से 15-20 हजार रोजगार की संभावना जताई।

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HighLights

  1. यूपी में $7.7 अरब एआई इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश प्रस्तावित।

  2. 15-20 हजार नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

  3. स्वदेशी एआई प्लेटफॉर्म और डेटा सुरक्षा पर जोर।

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 7.7 अरब डॉलर के प्रस्तावित निवेश से 15 हजार से 20 हजार तक रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

अमेरिका की कंपनी ट्राइफैक्टा कनेक्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ आदर्श त्यागी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फारेंसिक साइंस (यूपीएसआईएफएस) में आयोजित टेक संगम-2026 में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच संवेदनशील डेटा की सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए देश में स्वदेशी एआई प्लेटफार्म विकसित करने पर विशेष ध्यान देना होगा।

भारत-अमेरिका के बीच तकनीकी सहयोग, उद्यमिता और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के भविष्य पर विचार साझा करते हुए त्यागी ने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी परिदृश्य में केवल नई तकनीक विकसित करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना भी जरूरी है। उनकी कंपनी अमेरिकी सरकार के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और उन्नत तकनीकों से जुड़े क्षेत्रों में काम करती है।

उन्होंने संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा, डेटा पर नियंत्रण और डिजिटल प्रणालियों को सुरक्षित बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके अनुसार, स्वदेशी एआई प्लेटफार्म के माध्यम से संवेदनशील डेटा को देश के भीतर सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा सकती है।

प्रदेश में प्रस्तावित निवेश का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एआई डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास से बड़े पैमाने पर डिजिटल संसाधन और तकनीकी क्षमताएं विकसित करने की संभावनाएं हैं। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। निवेश से संबंधित 7.7 अरब डॉलर और रोजगार के 15 हजार से 20 हजार अवसरों के आंकड़े प्रस्तावित परियोजना के संदर्भ में हैं। एआई और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होने से तकनीकी कंपनियों, उद्योगों और शोध संस्थानों के लिए भी संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

त्यागी ने कहा कि तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक कौशल भी विकसित करना चाहिए। एआई, साइबर सुरक्षा और डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में निरंतर सीखने, प्रयोग करने और समस्याओं के समाधान तलाशने की क्षमता महत्वपूर्ण है।

उन्होंने नवाचार को गति देने के लिए सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत बताई। उनके अनुसार, शोध और तकनीकी ज्ञान का वास्तविक लाभ तभी सामने आता है, जब उसे व्यावहारिक जरूरतों के अनुरूप विकसित कर उपयोग में लाया जाए। उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग विद्यार्थियों को नई तकनीकों से परिचित कराने के साथ उन्हें रोजगार और उद्यमिता के लिए तैयार करने में मददगार हो सकता है।

बिट्स पिलानी से शिक्षा प्राप्त आदर्श त्यागी ने इस दौरान अपनी उद्यमशीलता की यात्रा के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए कौशल, नवाचार, योग्यता और दृढ़ संकल्प महत्वपूर्ण हैं। किसी भी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए सीखने की निरंतरता और नए अवसरों को पहचानने की क्षमता जरूरी है।

सत्र के दौरान उन्होंने यूपीएसआईएफएस में उपलब्ध सुविधाओं और शोध संबंधी बुनियादी ढांचे की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाने तथा शोध और नवाचार की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।