यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 20, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
The Kerala Story की सोनिया बालानी को मिल रहीं धमकियां, कहा, मुस्लिम लड़कियां कर रहीं पाजिटिव कमेंट
The Kerala Story आसिफा की भूमिका निभाने वाली सोनिया बालानी बोलीं फिल्म में वही दिखाया जो केरल की बेटियों ने ...और पढ़ें

आगरा, जागरण संवाददाता। ‘द केरल स्टोरी’ फिल्म का उद्देश्य करोड़ों रुपये कमाना नहीं बल्कि वह सच्चाई दिखाना था, जो केरल की बेटियों ने झेली। फिल्म किसी धर्म नहीं, आतंकवाद और आइएसआइएस के विरोध में है। इसकी एक-एक बात सच है इसलिए मुस्लिम लड़कियां सकारात्मक राय दे रही हैं। मुझे धमकियां भी मिली हैं। फिल्म में आसिफा की भूमिका निभाने वाली सोनिया बालानी शुक्रवार को यहां मीडिया से बात कर रही थीं।
आगरा में हुआ सम्मान
जयपुर हाउस स्थित जय झूलेलाल भवन में आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचीं सोनिया ने कहा कि मर्जी से मतांतरण कानूनन गलत नहीं है। हां, ब्रेनवाश या दबाव में मतांतरण गलत है। बताया कि फिल्म हकीकत है, कल्पना नहीं। कुछ दिन पहले मुंबई में एक कार्यक्रम में केरल की कुछ लड़कियों ने इसकी हकीकत उजागर की। जबर्दस्ती उनका मतांतरण और काफी कुछ गलत हुआ। उस लड़की की आपबीती मैं अपने इंस्टाग्राम पर अपलोड करूंगी। पढ़ने और नौकरी करने बाहर जाने वाली लड़कियां समझदार और जागरूक बनें कि कोई उन्हें बहला-फुसलाकर न पाए। माता-पिता बच्चों के संपर्क में रहे। सोनिया ने कहा कि फिल्म में किरदार दमदार हो, तो सकारात्मक या नकारात्मक से फर्क नहीं पड़ता।
सोनिया और आसिफा के किरदार में काफी अंतर
सोनिया और आसिफा के जीवन में जमीन-आसमान का अंतर है। मैं उत्तर भारत की हूं, पूजा करती हूं, सकारात्मक हूं। वहीं आसिफा मलयाली बोलती है, नमाज पढ़ती है, उसकी सोच साजिश रचने और निश्चित उद्देश्यों से जुड़ी है। सोनिया ने कहा कि इस भूमिका को निभाना बहुत कठिन था क्योंकि मैं ऐसी बिल्कुल नहीं हूं, फिर भी मैंने इसे स्वयं चुना। आपके प्रेम ने धमकियां सहने की हिम्मत दी है।
सोनिया को चांदी का मुकुट पहनाया
इससे पूर्व जय झूलेलाल सिंधी पंचायत समिति और सिंधी युवा सभा जयपुर हाउस ने सोनिया बालानी का स्वागत किया। पंचायत अध्यक्ष जीवतराम करीरा ने चांदी का मुकुट पहनाया। लीडर्स आगरा के सुनील जैन ने सम्मान किया। महिलाओं ने पुष्पवर्षा की। सोनिया के पिता रमेश बालानी, शोभाराम पुरसानी, हीरालाल त्रिलोकानी, सुरेश शीतलानी, सुनील करमचंदानी आदि उपस्थित रहे।
