जनऔषधि केंद्रों पर डायबिटीज की सस्ती दवाओं का संकट, आगरा में महंगे इलाज को मजबूर मरीज
आगरा के जन औषधि केंद्रों पर सस्ती दवाओं की कमी के कारण मरीजों को महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीदने पर मजबूर ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
जन औषधि केंद्रों पर 60 सस्ती दवाएं अनुपलब्ध
मरीजों को महंगी ब्रांडेड दवाएं खरीदने पड़ रही हैं
सरकारी अस्पतालों के केंद्रों पर भी दवाएं नहीं
जागरण संवाददाता, आगरा। चिकित्सकों के फार्मा कंपनियों की महंगी दवाएं लिखने पर मरीज जन औषिध केंद्र से सस्ती जेनेरिक दवा ले रहे हैं। मगर, अब मरीजों को सस्ती दवाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। मधुमेह से लेकर मल्टी विटामिन सहित 60 दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। इससे मरीजों को मजबूरी में महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं। सरकारी अस्पतालों में खुले जन औषधि केंद्रों पर भी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
मधुमेह, हृदय, अस्थमा सहित नियमित दवाएं खाने वाले मरीज चिकित्सक द्वारा लिखी जा रही महंगी दवाएं नहीं खरीद रहे हैं। चिकित्सक के पर्चे से जन औषिध केंद्रों से सस्ती जेनेरिक दवाओं के विकल्प ले रहे हैं। इससे दवाओं का खर्चा 70 प्रतिशत तक कम हो गया है।
हर महीने खुल रहे चार से पांच जन औषधि केंद्र, दवाएं नहीं हो पा रही उपलब्ध
दवाओं की बिक्री बढ़ने से हर महीने तीन से चार नए जन औषिध केंद्र खुल रहे हैं, जिले में 150 जन औषिध केंद्र हैं। मगर, अब केंद्रों के लिए दवाएं उपलब्ध नहीं हो रही हैं। केंद्रों को गुरुग्राम के साथ ही प्रदेश में सरकार द्वारा बनाए गए डिस्ट्रूब्यूटर से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
केंद्र संचालक प्रदेश के बाहर जयपुर सहित अन्य शहरों से भी दवाएं मंगा रहे हैं। 10 बॉक्स की मांग करने पर एक बॉक्स मिल रहा है।
150 जन औषधि केंद्र, सरकारी अस्पतालों में भी मरीजों को नहीं मिल रहीं दवाएं
जिला अस्पताल, एसएन मेडिकल कॉलेज, मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों पर संचालित हो रहे केंद्रों पर भी दवाएं उपलब्ध नहीं हैं। बल्केश्वर स्थित जन औषधि केंद्र के मैनेजर जसवीर सिंह यादव के अनुसार, 60 दवाएं शार्ट चल रही हैं। इससे मरीज लौट रहे हैं।
दवा, जन औषधि केंद्र की कीमत, ब्रांडेड दवाओं की कीमत
- मधुमेह की दवा (ग्लिमेपिराइड मेटफार्मिन), 1.80 रुपये, 6 रुपये
- जिनसेंग युक्त मल्टीविटामिन, 3 रुपये, 20 रुपये
- फेश वॉश (सैलिसिलिक एसिड ) 47 रुपये, 200 रुपये
- एंटीबायोटिक्स (माक्सक्लैब सीवी 625 ) 10 रुपये, 25 रुपये
- इंसुलिन ग्लार्गिन, 340, 1200 रुपये
- ग्लूकोमीटर, 492 रुपये, 1500 रुपये
सीएमओ डॉक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि जन औषिध केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता बढ़ाने के लिए पत्र भेजा जाएगा, सरकारी अस्पताल में अधिकांश दवाएं उपलब्ध हैं। मरीज सरकारी अस्पताल में निश्शुल्क परामर्श और दवाएं ले सकते हैं।
जन औषधि केंद्र पर सस्ती दवा लेने के लिए जाते हैं लेकिन सभी दवाएं नहीं मिलती हैं। इससे मजबूरी में महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं, कब दवाएं आएंगी यह भी पता नहीं चल रहा है।
रोहित अग्रवाल, कमला नगर
