आगरा, जागरण संवाददाता। भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे डाक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पूर्व कार्यवाहक कुलपति के ससुराल वालोे एसटीएफ के रडार पर हैं। शाहगंज में रहने वाले उनके ससुराल वालों से एसटीएफ पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। जिसके लिए उन्हें नोटिस जारी किया गया है। ससुराल वालों से एसटीएफ बैंक खाताें के बारे में जानकारी करेगी। जिसके बाद वह इन खातों आई रकम के छानबीन करेगी। जिससे यह पता लगाया जा सके कि पूर्व कुलपति ने रिश्तेदारोंं के नाम पर गड़बड़ तो नहीं की है।

लखनऊ में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का अभियोग दर्ज

पूर्व कार्यवाहक कुलपति विनय पाठक के विरुद्ध लखनऊ में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम का अभियोग दर्ज है। जिसकी जांच लखनऊ एसटीएफ कर रही है। इसमें आगरा इकाई भी साक्ष्य जुटा रही है। एसटीएफ के सूत्रों के अनुसार विनय पाठक के ससुराल वाले शाहगंज में रहते हैं। उनके साले रेलवे में अधिकारी हैं। पत्नी के बाबा पुलिस अधिकारी रहे हैं। ससुराल पक्ष के कुछ रिश्तेदार विदेश में भी रहते हैं।

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एसटीएफ ने ससुराल के कुछ लोगों को दिए नोटिस

एसटीएफ ने सोमवार को ससुराल के कुछ लोगों को नोटिस जारी किए हैं। उनसे जानकारी मांगी है। यह पता लगाया जा रहा है कि ससुराल वालों के खाते और लाकर किन बैंक में हैं। इसके अलावा एसटीएफ ने साक्ष्य जुटाने के लिए आधा दर्जन से अधिक लोगों को अपने रडार पर लिया है। उनकी गतिविधियों पर नजर रख रही है। कार्रवाई के डर से विश्वविद्यालय के कर्मचारियों ने मोबाइल पर बात करना बंद कर दिया है। वह वाट्सएप काल पर बात कर रहे हैं। कर्मचारियों ने छात्र नेताओं से भी दूरी बना ली है। 

Edited By: Abhishek Saxena

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