आगरा में 1.70 करोड़ की जीएसटी चोरी, फर्जी दस्तावेजों पर पंजीकरण कराकर दो पार्टनर फंसे
आगरा में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीकरण कराकर 1.70 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करने के ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
फर्जी दस्तावेजों से जीएसटी पंजीकरण का आरोप
1.70 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल की
दो पार्टनरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
जागरण संवाददाता, आगरा। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीकरण कराने और अस्तित्वहीन फर्मों से खरीद दिखाकर लगभग 1.70 करोड़ रुपये की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल करने के आरोप में दो पार्टनरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि फर्जी लेनदेन के माध्यम से राजस्व को नुकसान पहुंचाया गया है। लोहामंडी थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
राज्य कर विभाग के उपायुक्त खंड-14 राहुल कुमार द्विवेदी की तहरीर पर एमएस कैलाशपति एंटरप्राइजेज के पार्टनर सुमित सिंह और विपिन सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।
सुमित सिंह विवेकानंद पुरम शास्त्रीपुरम के निवासी हैं, जबकि विपिन सिंह गणपति स्मार्ट सिटी सिकंदरा में रहते हैं। फर्म का पंजीकृत पता फर्स्ट फ्लोर फ्लैट नंबर एफ-103 कोमल अपार्टमेंट लोहिया नगर है।
अस्तित्वहीन कंपनियों से खरीद दिखाकर किया टैक्स चोरी
राहुल कुमार द्विवेदी ने बताया आरोपितों की फर्म ने टेक्सटाइल फैब्रिक्स, बटन, प्रेस-फास्टनर्स आदि की खरीद-बिक्री के लिए एक सितंबर 2022 को जीएसटी पंजीकरण कराया था। ऑनलाइन आवेदन में सुमित और विपिन को फर्म का पार्टनर बताया गया था। विभागीय जांच में आठ फरवरी 2023 को फर्म को बोगस और अस्तित्वहीन पाया गया।
यह भी पढ़ें- कैसे हुई संत प्रेमानंद के शिष्य रसिक दुलारी की मौत? 11 मिनट के CCTV में कैद! प्राइवेट पार्ट काटा
राज्य कर विभाग की तहरीर पर दो पार्टनरों के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा
जीएसटी प्राधिकरण ने फर्जी तरीके से पंजीकरण हासिल करने के आधार पर फर्म का पंजीकरण 13 सितंबर 2022 से निरस्त कर दिया था। एसीपी लोहामंडी गौरव ने बताया उपायुक्त की शिकायत के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के लिए दोनों पार्टनर को बुलाया जाएगा। साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
