फुटवियर ट्रेनिंग के लिए लेना है एडमिशन तो काम की खबर, CFTI में 26 सितंबर तक करें आवेदन
केंद्रीय फुटवियर प्रशिक्षण संस्थान (सीएफटीआई) आगरा में प्रवेश के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 26 सितंबर तक बढ़ा दी गई ...और पढ़ें

सीएफटीआई की तस्वीर। फोटो क्रेडिट: सोशल मीडिया
HighLights
सीएफटीआइ आगरा में प्रवेश आवेदन की अंतिम तिथि 26 सितंबर तक बढ़ी।
संस्थान में नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एंड एजुकेशन ट्रेनिंग के तहत नए कोर्स।
फुटवियर उद्योग में करियर बनाने वाले युवाओं को बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा।
जागरण संवाददाता, आगरा। केंद्रीय फुटवियर प्रशिक्षण संस्थान (सीएफटीआइ) में प्रवेश के लिए आवेदन की तारीख फिर बढ़ गई है। अब अभ्यर्थी 26 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। सत्र 2026-27 में प्रवेश लेने के इच्छुक युवाओं के लिए यह अंतिम मौका है। इसके बाद 28 सितंबर से कक्षाएं शुरू करना प्रस्तावित है। साथ ही नए पाठ्यक्रम शुरु किए जाएंगे। सोमवार को संस्थान में इसको लेकर निर्देश जारी हुए।
संस्थान का इंग्लैंड के द टेक्सटाइल इंस्टीट्यूट, लीसिस्टर से 31 साल पुराना शैक्षणिक संबंध समाप्त हो चुका है। इसके तहत वर्ष 1994 से 2025 तक संस्थान के डिप्लोमा पाठ्यक्रम इंग्लैंड के संस्थान से संबद्ध रहे थे। अब पाठ्यक्रम नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एंड एजुकेशन ट्रेनिंग (एनसीवीईटी) के तहत संचालित हाेंगे।
इस बार संस्थान की ओर से प्रवेश के लिए क्यूआर कोड भी बनाया
सहायक निदेशक ईश्वर सिंह ने बताया कि बदलती तकनीक के अनुसार संस्थान में पाठ्यक्रम भी शुरू होने चाहिए, जिससे फुटवियर उद्योग में करियर बनाने वाले युवाओं को बेहतर और रोजगारपरक प्रशिक्षण मिले। इस बार संस्थान की ओर से प्रवेश के लिए क्यूआर कोड भी बनाया है। जिसे स्कैन कर अभ्यर्थी सीधे संस्थान में संचालित डिप्लोमा, पीजी डिप्लोमा और स्पेशलाइज्ड कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन कर सकते हैं।
पाठ्यक्रम और सीट
| टेक्निकल मैनेजर इन फुटवियर टेक्नोलॉजी | 30 सीट |
| एडवांस्ड डिप्लोमा इन फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग एंड डिजाइन | 60 सीट |
| मास्टर टेक्नीशियन इन फुटवियर डिजाइन एंड प्रोडक्शन | 60 सीट |
| टेक्नीशियन इन फुटवियर मैन्युफैक्चरिंग | 60 सीट |
| जूनियर टेक्नीशियन इन फुटवियर डिजाइन एंड प्रोडक्शन | 60 सीट |
यह भी पढ़ें- आगरा में 200 घरों पर चलेगा बुलडोजर! NGT में रिट के बाद सिंचाई विभाग ने दिए बापू नगर के कब्जेदारों को नोटिस
यह भी पढ़ें- राजस्थान का आगरा में जयपुर रियासत की संपत्तियों पर दावा, 1952 के विलय समझौते का हवाला
