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आगरा के वेटलैंड्स में प्रवासी पक्षियों की बहार, समय से पहले पहुंचे नार्दन शोवलर और पिनटेल, बढ़ी रौनक

Published: Sun, 11 Oct 2026 10:33 PM (GMT+05:30)

सर्दियों की दस्तक के साथ ही आगरा के वेटलैंड्स में प्रवासी पक्षियों की संख्या में वृद्धि देखी जा रही है, जिसमें नार्दन शोवलर और पिनटेल जैसी प्रजातियाँ शामिल हैं।

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HighLights

  1. आगरा के वेटलैंड्स में प्रवासी पक्षियों की संख्या बढ़ी।

  2. नार्दन शोवलर, पिनटेल जैसी प्रजातियाँ समय से पहले पहुँचीं।

  3. सूरसरोवर पक्षी विहार प्रवासी पक्षियों के लिए सुरक्षित आश्रय स्थल।

जागरण संवाददाता, आगरा। सर्दियां नजदीक आते ही वेटलैंड्स में प्रवासी पक्षियों की चहचहाहट लगातार बढ़ रही है। बेहतर प्रबंधन के कारण गत वर्षों में पक्षियों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। अभी तक समय से पूर्व ही वेडर पक्षियों के साथ-साथ बतख की कई प्रजातियां आ चुकी हैं। इसमें नार्दन शोवलर, नार्दन पिनटेल, गार्गेनी, ब्लैक-टेल्ड गाडविट शामिल हैं।

सूरसरोवर पक्षी विहार में वर्ष 2024 से 2026 तक जल पक्षियों की संख्या और प्रवासी प्रजातियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। वन विभाग की मानें तो वर्ष 2024 में यहां कुल 2330 जलीय पक्षियों की 29 प्रवासी प्रजातियां दर्ज की गईं थी।

वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 3839 हुई। वहीं वर्ष 2026 में सर्दियों की दस्तक के साथ ही 37 प्रजातियों के 3373 पक्षी वेटलैंड पर पहुंच चुके हैं और यह संख्या नवंबर तक और बढ़ेगी।

agra vetlands

तेजी से विकसित हो रहा आश्रय

डीएफओ राजेश कुमार ने बताया पक्षियों की संख्या में वृद्धि को देखकर माना जा सकता है कि वेटलैंड प्रवासी पक्षियों के लिए एक सुरक्षित, समृद्ध और पसंदीदा आश्रय स्थल के रूप में तेजी से विकसित हो रहा है।

वेटलैंड इंटरनेशनल की एशियन वाटर बर्ड सेंसस के गणना के संयोजक व बायोडायवर्सिटी रिसर्च एंड डवलपमेंट सोसायटी (बीआरडीएस) के ईकोलाजिस्ट डा. केपी सिंह ने बताया इस वर्ष पक्षी गणना में दिनों व पालियों की वृद्धि की जाएगी।

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प्रवासी पक्षियों के प्रवासी चक्र में एक असामान्य परिवर्तन देखने को मिल रहा है। गर्मियों के महीने में इस बार लगभग आठ प्रजातियों के प्रवासी पक्षी रिकार्ड किए गए थे।

जलीय पक्षियों पर शोध करने वाली निधि यादव ने बताया इस बार सितंबर से ही प्रवासी पक्षियों की प्रजातियों और संख्या में बढ़ोतरी दिख रही है। वर्तमान में कामन टील, नार्दन शोवलर, नार्दन पिनटेल, गार्गेनी, ब्लैक-टेल्ड गाडविट, रफ, डोमीसोइल क्रेन, सिट्रिन वेगटेल, यलो वेगटेल, कामन सेंडपाइपर समेत अन्य पक्षी पहुंचे है।

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