आगरा, जागरण संवाददाता। ताजमहल के 500 मीटर के दायरे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने का आदेश किए जाने के बाद ताजगंज के लोगों की जान सांसत में फंस गई है। ताजगंज के निवासी दहशत में हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद एडीए ने ताजमहल की 500 मीटर की परिधि का चिह्नांकन कराने की बात कही है। इसके लिए सर्वे शुरू करा दिया है। मंगलवार को ताजगंज के निवासी आदेश की स्थिति जानने को व्यग्र नजर आए।

सुप्रीम कोर्ट का है ये आदेश

ताजमहल पश्चिमी गेट मार्केट एसोसिएशन द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर 23 सितंबर को सुनवाई हुई थी। इसका आदेश 26 सितंबर को अपलोड हुआ। सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में हो रही व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए एडीए को निर्देशित किया है। ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में करीब 500 छोटे-बड़े हाेटल, रेस्टोरेंट, हैंडीक्राफ्ट एंपोरियम और दुकानें हैं। इनसे हजारों लोगों को राेजगार मिलता है और ताजगंज की बड़ी आबादी इस पर आश्रित है। यहां पुश्तैनी रूप से मार्बल पच्चीकारी का काम करने वाले भी निवास करते हैं। मंगलवार को यह सभी आदेश की स्थिति जानने को परेशान रहे। कानून के जानकारों से आदेश की वस्तुस्थिति के बारे में जानने का प्रयास करते रहे।

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एडीए ने शुरू किया काम

मंगलवार शाम को एडीए द्वारा विज्ञप्ति जारी कर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में ताजमहल की चहारदीवारी या पेरीफेरल वाल से 500 मीटर की परिधि का चिह्नांकन किए जाने को सर्वे कराने की बात कही गई। इससे ताजगंज के कारोबारियों की चिंता और बढ़ गई है।

पश्चिमी गेट मार्केट एसोसिएशन की तरफ से सुप्रीम कोेर्ट में पैरवी करने वाले अधिवक्ता एमसी धींगरा ने बताया कि एक तरफ तो व्यवसायिक गतिविधियों पर प्रतिबंध के नाम पर याचिकाकर्ता दुकानदारों को ताजमहल के 500 मीटर के दायरे से बाहर कर दिया गया, दूसरी आेर वहां कैंटीन व अन्य दुकानें बना दी गईं। समानता के अधिकार का पालन नहीं हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने ताजमहल की 500 मीटर की परिधि में व्यवसायिक गतिविधियों को बंद कराने के निर्देश एडीए को दिए हैं।

एडीए की मनमानी

पश्चिमी गेट मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष अमर सिंह राठौर ने बताया कि एडीए ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया। मार्केट का डिजाइन ऐसा बनाया कि दुकानें किसी काम की नहीं रहीं। यहां पर्यटक नहीं आते हैं। एडीए ने लाइसेंस फीस तो बढ़ा दी, लेकिन शौचालय, पानी, बिजली आदि सुविधाएं कभी नहीं दीं। हमने ताजमहल के पश्चिमी गेट से अमरूद का टीला पार्किंग के बीच रोक के बावजूद हो रही व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग याचिका में की थी।

हाईकोर्ट में दाखिल करेंगे याचिका

सुप्रीम कोर्ट ने एडीए द्वारा लाइसेंस फीस बढ़ाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना को सुनने से इन्कार कर दिया है। एसोसिएशन इसके लिए हाईकोर्ट जाएगी। एसोसिएशन द्वारा वर्ष 2009 में ताजमहल पश्चिमी गेट पार्किंग में मार्केट बनाने को याचिका दायर की गई थी। इस पर 31 अक्टूबर को सुनवाई प्रस्तावित है।

एडीए की खता भुगतेगा ताजगंज

एडीए की खता की सजा पूरे ताजगंज को भुगतनी होगी। एडीए ने ताजमहल के पश्चिमी गेट से अमरूद का टीला के बीच सुंदरीकरण के नाम पर कैंटीन नहीं बनवाई होतीं और पश्चिमी गेट पार्किंग में दुकानदारों के लिए मार्केट बनवा दी होतीं तो यह नौबत ही नहीं आती। शायद, दुकानदार सुप्रीम कोर्ट जाने पर विचार ही नहीं करते।

सुप्रीम कोर्ट ने लगाई थी 2000 में रोक

ताजमहल के पश्चिमी गेट से लेकर अमरूद का टीला पार्किंग तक किसी भी तरह के निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट ने वर्ष 2000 में रोक लगाई थी। पार्किंग में किसी भी तरह के निर्माण के लिए भी सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व अनुमति लेने को कहा था। पर्यटन विभाग ने विश्व बैंक सहायतित प्रो-पुअर टूरिज्म डवलपमेंट प्रोजेक्ट में मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, लेकिन प्रोजेक्ट ड्राप हो गया। एडीए ने पश्चिमी गेट पार्किंग, नीम तिराहा और अमरूद का टीला के नजदीक कैंटीन बनवा दी हैं। ताजमहल के नजदीक ताज रेस्टोरेंट के बाहर भी कई दुकानें खुल गई हैं। लाल बिल्डिंग में संचालित व्यवसायिक गतिविधियों पर भी रोक नहीं लगाई गई। इस बिल्डिंग से कारोबार कर रहे लोगों ने सभी को सेट कर रखा है। एडीए द्वारा किए गए निर्माणों और इस क्षेत्र में रोक के बावजूद हो रही व्यवसायिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग ही पश्चिमी गेट मार्केट एसोसिएशन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर की थी।

नहीं बनाई मार्केट

अमरूद का टीला पार्किंग में दुकानदारों के लिए 71 दुकानें बनाने का प्लान हाउसिंग एंड अर्बन डवपलमेंट कारपोरेशन (हुडको) ने वर्ष 2007 में बनाया था। केंद्रीय पर्यटन विभाग ने इसके लिए 4.52 करोड़ रुपये जारी किए थे, लेकिन यहां दुकानें आज तक नहीं बन सकी हैं। इस फंड का उपयोग नहीं किया जा सका। इस मामले में पश्चिमी गेट मार्केट एसोसिएशन द्वारा वर्ष 2009 में दायर की गई याचिका सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। इस पर 31 अक्टूबर को सुनवाई प्रस्तावित है।

पश्चिमी गेट पार्किंग में बाजार के निर्माण की योजना और उसके लिए फंड मिलने की जानकारी नहीं है। इस मामले को देखने के बाद ही कुछ बता सकूंगा। 500 मीटर की परिधि में सर्वे कर यहां होने वाले कार्यों को चिह्नित करेंगे तो प्राधिकरण द्वारा बनवाई गईं कैंटीन के मामले भी दिखवाए जाएंगे। -चर्चित गौड़, उपाध्यक्ष एडीए

अनुच्छेद 14

अनुच्छेद 14 विधि के समक्ष समानता का अधिकार है। इसमें राज्य किसी व्यक्ति को विधि के समक्ष समानता से या विधियों के समान संरक्षण से वंचित नहीं करेगा। नैसर्गिक न्याय और कानून के शासन का सिद्धांत अनुच्छेद 14 से निकलकर आता है और यह अनुच्छेद आधारभूत ढांचे में आता है।

Edited By: Prateek Gupta

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