अभिभावक की तरह चिंता करते थे शिक्षक... आगरा कॉलेज में केमिस्ट्री पूर्व छात्रों ने साझा कीं कॉलेज की सुनहरी यादें
आगरा कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग के 1976 बैच के पूर्व छात्रों ने अपनी गोल्डन जुबली मनाई। इस अवसर पर ...और पढ़ें

आगरा कॉलेज के पूर्व छात्र रसायन विज्ञान विभाग के 1976 बैच के शोध विद्यार्थी अपने स्वजन के साथ हुए शामिल।
HighLights
आगरा कॉलेज में 1976 बैच के छात्रों का गोल्डन जुबली समारोह।
पूर्व छात्रों ने साझा किए कॉलेज के दिनों के भावुक अनुभव।
शिक्षकों को अभिभावक समान बताया, पुरानी यादें कीं ताजा।
जागरण संवाददाता, आगरा। कोई अपनी पत्नी तो कोई अपने बच्चों के साथ आए। पुराने दिनों की यादें ताजा की, पूर्व छात्रों ने कॉलेज के दिनों की यादें ताजा की, कहा कि शिक्षक भी अभिभावक की तरह से चिंता करते थे। यादें ताजा हुईं तो पूर्व छात्र भावुक हो गए। आगरा कॉलेज में शनिवार को कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग के 1976 बैच के 18 शोधार्थी छात्रों ने गोल्डन जुबली समारोह में अपने अनुभव साझा किए।
रसायन विज्ञान विभाग के 1976 बैच के शोध विद्यार्थी अपने स्वजन के साथ हुए शामिल
रसायन विज्ञान विभाग से 1970 से 1976 के बीच शोध करने वाले पूर्व छात्र गोल्डन जुबली समारोह मनाने के लिए सुबह आगरा कालेज पहुंचे। बरेली कॉलेज, बरेली से सेवानिवृत्त प्रो. सुनील शर्मा ने पुराने दिनों की यादें ताजा करते हुए बताया कि डॉ. जीके चतुर्वेदी गाइड थे, उसी दौरान बरेली कॉलेज में नियुक्ति हो गई लेकिन वहां तक जाने के किराए के पैसे नहीं थे। उन्होंने किराया दिया, उन्हीं के कारण एक सफल शिक्षक बन सके।
गोल्डन जुबली समारोह में कालेज के दिनों की यादों को किया साझा
रसायन विज्ञान विभाग के डॉ. एसएमएल गुप्ता सख्त शिक्षक थे, बहुत अच्छा पढ़ाते थे। वे चाहते थे कि उनके छात्र परीक्षा में अच्छे अंक लाएं, जब वे उत्तर पुस्तिका की जांच करते थे। छात्रों द्वारा उत्तर सही ना लिखा हो और वह उनके सामने आ जाए तो गुस्से में उत्तर पुस्तिका फेंक देते थे। उस समय शिक्षक हर विद्यार्थी की चिंता एक अभिभावक की तरह से करते थे।
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प्रशासनिक अधिकारी भी हुए शामिल
प्रशासनिक अधिकारी रहे पूर्व छात्र अमिताथ, डॉ. एसपी त्रिपाठी सहित अन्य छात्रों ने पुराने दिनों के संस्मरण सुनाए। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सीके गौतम, विभागाध्यक्ष प्रो. संचिता सिंह, प्रो. मनोज रावत, प्रो. अमित अग्रवाल, डॉ. आभा शर्मा, प्रो. बीके चिकारा, प्रो. कल्पना चतुर्वेदी, प्रो. विनीता गुप्ता, प्रो. विनोद कुमार, प्रो. आशीष कुमार, प्रो. स्मिता चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।
