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इको टूरिज्म के साथ मिलेगा रोजागार, हाथरस में चार करोड़ से संवरेगा कृष्ण वन अभयारण्य क्षेत्र

Published: Sat, 24 Oct 2026 12:36 PM (IST)

हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र में स्थित कृष्ण वन अभयारण्य को अब वन विभाग द्वारा 4 करोड़ रुपये के प्रस्ताव से ...और पढ़ें

सिकंदराराऊ के गांव टटी डंडिया का सचिवालय - जागरण

सिकंदराराऊ के गांव टटी डंडिया का सचिवालय - जागरण 

HighLights

  1. वन विभाग ने कृष्ण वन अभयारण्य के लिए 4 करोड़ का प्रस्ताव भेजा

  2. बाउंड्री वॉल, तालाब, घास के मैदान विकसित कर पर्यटन बढ़ेगा

  3. इको-टूरिज्म से वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय रोजगार के अवसर मिलेंगे

जागरण संवाददाता, हाथरस। सिकंदराराऊ क्षेत्र का गांव टटी डंडिया में स्थित कृष्ण वन अभयारण्य क्षेत्र इन दिनों उपेक्षाओं का शिकार है। मगर अब इसके जल्द ही दिन बहुरने वाले हैं क्योंकि वन विभाग ने चार करोड़ से इस क्षेत्र को संवारने का मन बना लिया है। वन विभाग ने करीब चार करोड़ का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है।
कृष्ण वन अभयारण्य क्षेत्र जो वन विभाग के अधीन है। इस जंगल में हिरण व नील गाय जैसे जंगली जानवर हजारों की संख्या में रहते हैं। जंगली सूअर, लोमड़ी, सियार, सेहिया, व लकड़बग्घा जैसे खतरनाक जानवर भी रहते हैं। इस क्षेत्र में हिरन व नीलगायों की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन व विभाग की नजर इस ओर गई तथा इस जंगल व क्षेत्र का नाम कृष्ण वन अभयारण्य क्षेत्र रख दिया। 
इसमें विचरण करने वाले हिरण मन मोह लेते हैं। इस जंगल में कभी दो हजार के करीब हिरण कुलाचें भरा करते थे। अब इनकी संख्या संरक्षण के अभाव में दिनोंदिन गिरती जा रही है।

चार करोड़ से संवरेगा कृष्ण वन अभयारण्य क्षेत्र

वर्तमान में यहां के हालत खराब हैं। वन विभाग के पास बजट न होने के कारण यहां कोई विकास कार्य नहीं हो पाया है। बाउंड्री वॉल न होने के कारण जंगली जानवर खेतों में चले जाते हैं और किसानों की फसल खराब कर देते हैं। किसानों ने कई बार बाउंड्री वॉल की मांग की है। पानी की भी कमी है। गर्मियों में तालाब सूख जाते हैं, जिससे जानवर पानी के लिए भटकते हैं।

कई साल से बजट के अभाव में अपेक्षा का शिकार बना कृष्ण वन अभयारण्य क्षेत्र

जिला वन अधिकारी राकेश चंद्र यादव ने बताया कि चार करोड़ के प्रस्ताव में कई काम शामिल हैं। सबसे पहले पूरे अभयारण्य के चारों ओर पक्की बाउंड्री वाल बनाई जाएगी, ताकि जानवर बाहर न जा सकें। अंदर दो बड़े तालाबों का निर्माण होगा, जिसमें पूरे साल पानी रहेगा। हिरणों के लिए घास के मैदान विकसित किए जाएंगे।इसके अलावा पर्यटकों के लिए वॉच टावर, ट्रैक और बैठने की व्यवस्था की जाएगी।

वन विभाग ने कृष्ण वन अभयारण्य क्षेत्र की सूरत सुधारने के लिए भेजा है प्रस्ताव

राकेश चंद्र यादव ने बताया कि कृष्ण वन को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां आने वाले पर्यटकों को हिरणों को नजदीक से देखने का मौका मिलेगा। प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही बजट मिलने की उम्मीद है। बजट मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने से न सिर्फ वन्य जीवों का संरक्षण होगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा।

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