आगरा में करोड़ों की नकली दवाएं खंडहर में मिलीं, दवा माफिया हिमांशु अग्रवाल पर शिकंजा
आगरा में करोड़ों की नकली दवाएं खंडहर में फेंकी मिलीं, जिसके बाद औषधि विभाग और पुलिस ने दवा माफिया हिमांशु ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
करोड़ों की नकली दवाएं आगरा के खंडहर में फेंकी मिलीं।
दवा माफिया हिमांशु अग्रवाल और ट्रांसपोर्टर आशीष जैन फरार।
पुलिस और औषधि विभाग ने जांच तेज कर दी है।
जागरण संवाददाता, आगरा। औषधि विभाग की छापेमारी में पांच करोड़ की नकली दवाएं मिलने के बाद दवा माफिया हिमांशु अग्रवाल और ट्रांसपोर्टर आशीष जैन पकड़ में नहीं आए हैं। अवैध गोदामों से नकली दवाएं निकाली जा रही हैं। एक्सपायर हो चुकीं और इसी वर्ष दिसंबर में एक्सपायर होने वाली दवाओं को हाथरस रोड स्थित कांशीराम आवास के खंडहर में झाड़ियों और नाले में फेंक दिया गया।
सोमवार को स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस और औषधि विभाग की टीम ने चार बोरों में एंटी एलर्जिक और मधुमेह सहित चार तरह की दवाएं जब्त की हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कर रही है।
औषधि विभाग की टीम ने 29 सितंबर को धनौली से जब्त की थीं पांच करोड़ की नकली दवाएं
औषधि विभाग की टीम ने 29 सितंबर को धनौली, मलपुरा के रहने वाले इकरार के बाड़े में कबाड़ के कार्टन में रखीं छह मल्टी नेशनल कंपनियों की पांच करोड़ की दवाएं जब्त की थीं। इकरार के साथ ही शामिन और मुकीम को गिरफ्तार किया गया था। ये दवाएं पिछले वर्ष अगस्त में फव्वारा दवा बाजार में छापेमारी के दौरान एक करोड़ की रिश्वत देने के आरोप में पकड़े गए हिमांशु अग्रवाल के टेढ़ी बगिया स्थित गोदाम से बेची जा रहीं थी। टीम की छापेमारी की भनक लगने के कारण दो दिन पहले ही गोदाम खाली कर दिया गया था। टीम को जांच में यमुना किनारे दवाएं जलाने का वीडियो मिला था।
हिमांशु और ट्रांसपोर्टर आशीष जैन हैं फरार
नकली दवाओं की बिक्री कर रहा हिमांशु अग्रवाल और ट्रांसपोर्टर आशीष जैन फरार हैं। औषधि विभाग और पुलिस ने भी आगे जांच नहीं की। जबकि कई और अवैध गोदामों में नकली दवा होने की आशंका है। साेमवार दोपहर में स्थानीय लोगों ने पुलिस को हाथरस रोड स्थित कांशीराम आवास की झाड़ियों और नाले में दवाएं पड़ी होने की सूचना दी।
कुछ दवाएं इसी साल की एक्यायर डेट की
औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा ने बताया कि एंटी एलर्जिक एलेग्रा एम, मधुमेह की दवा एमारिल, जोलरा, लोसार मिली हैं। इसमें से कुछ दवाओं पर इसी वर्ष सितंबर और अक्टूबर में एक्सपायर तिथि दर्ज है। अधिकांश दवाओं पर इसी वर्ष नवंबर और दिसंबर की एक्सपायरी तिथि दर्ज है। चार बोरे में दवाएं जब्त कर थाना ट्रांस यमुना के मालखाने में रखवा दी गई हैं। इन दवाओं के बैच नंबर का धनौली में जब्त की गईं दवाओं से मिलान करने के साथ ही नमूने लिए जाएंगे।
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सीसीटीवी की जांच से पता चलेगा कब फेंकी दवाएं
स्थानीय लोगों ने एक दिन पहले ही दवाएं फेंकने की जानकारी दी है। जबकि कुछ लोगों का कहना है कि दवा कई दिन से झाड़ियों में पड़ी हुईं थीं। पुलिस द्वारा आस पास के सीसीटीवी की जांच की जा रही है, जिससे दवा फेंकने वाले और कब दवाएं फेंकी गईं इसका पता चल सके।
गोदामों में दवाएं भरी होने की आशंका
फव्वारा दवा बाजार के साथ ही कालोनियों और शहर के बाहरी हिस्से में किराए पर गोदाम लेकर नकली दवाएं रखने की आशंका है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपितों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी, जिससे नकली दवा सिंडिकेट में शामिल लोगों का पता चल सके।
