76 की उम्र में भी जोश बरकरार: आगरा के राधेश्याम गुप्ता ने एशियाई तैराकी में जीता रजत पदक
76 वर्षीय राधेश्याम गुप्ता ने बेंगलुरु में आयोजित द्वितीय एशियाई मास्टर तैराकी चैंपियनशिप में 200 मीटर बैक स्ट्रोक स्पर्धा में ...और पढ़ें

एशियाई मास्टर तैराकी चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाले आगरा के राधेश्याम गुप्ता।
HighLights
76 वर्षीय राधेश्याम गुप्ता ने रजत पदक जीता
बेंगलुरु में द्वितीय एशियाई मास्टर तैराकी चैंपियनशिप
आगरा के सेवानिवृत्त हेडमास्टर ने किया नाम रोशन
जागरण संवाददाता, आगरा। उम्र सिर्फ एक आंकड़ा है, इसे साबित कर दिया 76 वर्षीय राधेश्याम गुप्ता ने। बेंगलुरु में आयोजित द्वितीय एशियाई मास्टर तैराकी चैंपियनशिप में उन्होंने अपने आयु वर्ग की 200 मीटर बैक स्ट्रोक स्पर्धा में रजत पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया। स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की ओर से चार से 10 अक्टूबर तक चली इस प्रतियोगिता में जिले से पांच खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था।
जिला तैराकी संघ के संयुक्त सचिव राजेश गुप्ता ने बताया कि मास्टर्स वर्ग में कुल 16 प्रतिभागी थे, जिनमें राधेश्याम ने रजत पदक हासिल किया। वे नियमित रूप से यमुना नदी में अभ्यास करते हैं।
स्वयं की राष्ट्रीय स्तर पर धाक
जिले के अन्य खिलाड़ी मनीष सिंह, अमर अवस्थी, आरबी सिंह और प्रीति कटियार भी फाइनल तक पहुंचे। जिला तैराकी संघ के अध्यक्ष राहुल पालीवाल, सचिव उमेश शर्मा समेत अन्य पदाधिकारियों ने उनकी उपलब्धि पर बधाई दी है। राधेश्याम गुप्ता रामबाग नुनिहाई के रहने वाले हैं। वे हेड मास्टर से सेवानिवृत्त शिक्षक हैं।
वर्ष 2012 में राज्यपाल ने उन्हें बेहतर शिक्षा प्रबंधन के लिए सम्मानित किया था। 2015 में सेवानिवृत्त होने के बाद भी वे तैराकी से जुड़े रहे। कई बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर पदक जीत चुके हैं।
हेड मास्टर से सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी है अभ्यास
सितंबर में हरियाणा के बहादुरगढ़ में हुई राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन एशियाई चैंपियनशिप के लिए हुआ था। उन्होंने बताया तैराकी का शौक बचपन से था। वर्ष 1988 में उन्होंने इसे नियमित रूप से शुरू किया। शौक को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने परिवार और मुहल्ले के लोगों को भी प्रशिक्षित किया।
50 से अधिक लोगों को निश्शुल्क प्रशिक्षण दिया
अब तक 50 लोगों को निश्शुल्क तैराकी प्रशिक्षण दे चुके हैं। आज भी वे यमुना नदी में लोगों को प्रशिक्षण देते हैं। उनके बेटे राजेश कुमार जिला तैराकी संघ के संयुक्त सचिव हैं। इतनी उम्र में एशियाई स्तर का रजत पदक जीतना बड़ी उपलब्धि है।
