120 फीट ऊंचा 'रावण' दिखाएगा तलवारबाजी और ढाल से कलाकारी: आगरा में पहली बार लाल-केसरिया रंग
आगरा के रामलीला मैदान में 120 फीट ऊंचा रावण का पुतला अपनी अनूठी विशेषताओं से लोगों को आकर्षित करेगा, जिसमें ...और पढ़ें

रावण का पुतला।
HighLights
120 फीट ऊंचा रावण तलवारबाजी, ढाल से बचाव करेगा
पलकें झपकाएगा और हाथ भी हिलाएगा यह विशाल पुतला
पहली बार लाल, काले, केसरिया रंगों से सजाया जा रहा
जागरण संवाददाता, आगरा। बिजलीघर स्थित रामलीला मैदान में 120 फीट ऊंचा रावण अपनी खास खूबियों से लोगों का ध्यान खींचेगा। रावण एक हाथ में तलवार लेकर वार करेगा, तो दूसरे हाथ में ढाल से अपना बचाव करेगा। उसकी आंखें झपकेंगी और हाथ भी हिलेंगे।
मथुरा के सात कारीगर दिनरात लंकेश के पुतले को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। लगभग 33 दिन से चल रहा निर्माण कार्य 20 अक्टूबर तक पूरा करने का लक्ष्य है। इस बार रावण के पुतले को पहली बार लाल, काले और केसरिया रंगों से सजाया जा रहा है। उसकी मूंछें, आंखें और भौंहें काली होंगी, जबकि होंठ लाल और चेहरा केसरिया रंग में नजर आएगा।
पहली बार लाल, काले और केसरिया रंगों से सजाया जा रहा है लंकेश का पुतला
मथुरा के कारीगर जाफर अली ने बताया कि पुतले को बनाने में बांस की लकड़ी, धागे, कागज, रद्दी और लेई का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके निर्माण में डेढ़ कुंतल कागज इस्तेमाल हो रहा है। रावण के अंदर आतिशबाजी लगाने के लिए पीलीभीत से विशेष कारीगर बुलाए गए हैं।
पांचवीं पीढ़ी बना रही है रावण का पुतला
जाफर अली ने बताया कि उनके परिवार में रावण का पुतला बनाने की परंपरा पांचवीं पीढ़ी तक पहुंच चुकी है। इस काम में अमीर, कलुआ, शाहरुख खान, टेटा उर्फ मुकर्रम, नवाब और पप्पू सहयोग कर रहे हैं।
कारीगरों ने रावण के साथ हिरन, जटायु, कौआ, कुंभकरण, मेघनाथ और ताड़का के पुतले, लंका व हनुमान जी की गदा भी तैयार किया है। बताया कि पूरे उत्तर प्रदेश में इतना विशाल रावण कहीं देखने को नहीं मिलता है।
शहर में शुरू हुई रावण के पुतले की बिक्री
आगरा के घटिया आजम खां और नामनेर जैसे प्रमुख बाजारों में रावण के पुतले बनाने और बेचने का काम शुरू हो चुका है। इस साल बाजार में पांच फीट से लेकर 20 फीट तक के पुतले उपलब्ध हैं, जिनकी कीमत 1,500 रुपये से 10 हजार रुपये के बीच है। कारीगर प्रेम के अनुसार, बाजार में सबसे ज्यादा मांग दस सिर वाले पुतलों की है। इन पुतलों की मुख्य बिक्री 18 अक्टूबर से शुरू होगी और इसी बाजार से पूरे शहर में पुतले भेजे जाते हैं।
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आगरा में आए बंगाल, राजस्थान और मथुरा के कारीगर
कारीगर कालीचरण ने बताया कि आगरा में बंगाल, राजस्थान व मथुरा के कारीगर पुतला बनाते हैं। सेंट जोंस चौराहा के पास 65 फीट ऊंचा रावण का पुतला बनाने वाले मथुरा के मुकेश ने बताया कि वह 30 साल से पुतला बनाकर अपने जीवनयापन कर रहे हैं।
