सानिया मिर्जा और भूपति ने AITA चुनावों के लिए भरा नामांकन, नियमों के पेच में फंसे लिएंडर पेस; अध्यक्ष पद की रेस से हुए बाहर
भारतीय टेनिस के दिग्गज सानिया मिर्जा और महेश भूपति ने AITA के SOM चुनावों के लिए नामांकन दाखिल किया है, जिससे खेल प्रशासन में उनकी सक्रिय भूमिका की उम्मीद है।

सानिया मिर्जा

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय टेनिस की दो बड़ी हस्तियां सानिया मिर्जा और महेश भूपति अब खेल प्रशासन में सक्रिय भूमिका निभाने की तैयारी में हैं। उन्होंने ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (AITA) के स्पोर्ट्स पर्सन ऑफ आउटस्टैंडिंग मेरिट (SOM) चुनावों के लिए नामांकन दाखिल कर दिया है। ये चुनाव 7 नवंबर को होने हैं।
चुनावों से पहले एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। लिएंडर पेस का नाम नामांकन सूची में नहीं है, जिससे AITA अध्यक्ष पद की दौड़ से वे फिलहाल बाहर हो गए हैं। उनका बाहर होना हर किसी को हैरान कर रहा है। हालांकि, सानिया मिर्जा जैसे बड़े नामों के आने से इस खेल में सुधार होने की उम्मीद है।
लिएंडर पेस क्यों हुए बाहर?
लिएंडर पेस टियर-1 खिलाड़ियों में शामिल हैं। राष्ट्रीय खेल शासन अधिनियम और नियमों के मुताबिक, राष्ट्रीय निकाय के पद के लिए उम्मीदवार को राज्य एसोसिएशन में कम से कम एक कार्यकाल पदाधिकारी रहना जरूरी है। पेस ने यह शर्त पूरी नहीं की है, इसलिए उन्हें अध्यक्ष पद के लिए एसओएम प्रक्रिया से जगह हासिल करनी पड़ती। नामांकन सूची में नाम न होने से यह रास्ता बंद हो गया। वे बंगाल टेनिस एसोसिएशन के जरिए 27 नवंबर के AITA चुनावों में प्रतिनिधित्व तो कर सकते हैं, लेकिन अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ सकते।
सानिया मिर्जा और महेश भूपति का नाम शामिल
महेश भूपति और सानिया मिर्जा के साथ छह और पूर्व खिलाड़ियों ने भी एसओएम चुनावों के लिए नामांकन भरे हैं। इनमें अंकिता भाम्बरी, डेविस कप कोच आशुतोष सिंह, गौरव नाटेकर, जानकी कृष्णमूर्ति, शालिनी ठाकुर चावला और बिली जीन किंग कप की कप्तान विशाल उप्पल शामिल हैं।
कार्यकारी समिति के नामांकन में पांच नामों में भूपति, सानिया, अंकिता, जानकी और उप्पल शामिल हैं। संशोधित AITA संविधान के अनुसार जनरल बॉडी में चार SOM प्रतिनिधि होंगे। इनमें से एक पुरुष और एक महिला को 15 सदस्यीय कार्यकारी समिति में भी जगह मिलेगी।
भूपति ने खिलाड़ियों की भूमिका पर दिया जोर
भूपति ने कहा कि हर महासंघ में उच्च स्तर पर खेल चुके खिलाड़ियों की जरूरत होती है। उन्होंने बैडमिंटन में पी. गोपीचंद का उदाहरण दिया और बताया कि खिलाड़ी प्रशासन में आकर खेल को बदल सकते हैं। महेश भूपति डबल में पूर्व विश्व नंबर-1 और कई ग्रैंड स्लैम विजेता रह चुके हैं। सानिया मिर्जा भी डबल में पूर्व विश्व नंबर-1 रहीं। उन्होंने महिला और मिश्रित डबल में छह ग्रैंड स्लैम खिताब जीते और भारतीय टेनिस की पहचान बनीं।
