नई दिल्ली (जेएनएन)। आधार कार्ड अब सिर्फ एक आईडी प्रूफ तक ही सीमित नहीं रह गया है बल्कि यह अब हर सरकारी काम को पूरा करने के लिए जरूरी हो चुका है। आधार कार्ड न सिर्फ टैक्स भरने, बैंक खाते को एक्टिव रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है बल्कि यह अब मोबाइल सिम को एक्टिवेट करने के लिए भी बहुत जरूरी है।
सरकार ने हाल ही में मोबाइल सिम से आधार कार्ड को लिंक करने की आखिरी तारीख की भी घोषणा कर दी है। आपको बता दें कि 6 फरवरी 2018 तक सभी मोबाइल नंबर को आधार से लिंक करना जरुरी है। जो मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं किए जाएंगे उन्हें डिएक्टिवेट कर दिया जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने कुछ दिनों पहले कई नए नियमों को भी जारी किया है जिनकी जानकारी शायद आपको न हो। यहां हम आपको इनसे जुड़ी कुछ जानकारी देने जा रहे हैं।

1. 6 फरवरी 2018 तक कराना होगा लिंक

सरकार ने मोबाइल नंबर से आधार को लिंक कराने की आखिरी तारीख की घोषणा कर दी है। 6 फरवरी 2018 तक जिन मोबाइल नंबर को आधार से लिंक नहीं किया जाएगा उन यूजर्स के सिम डिएक्टिवेट कर दिए जाएंगे।

2. मोबाइल यूजर 1 दिसंबर से लिंकिंग के लिए OTP का कर सकेंगे इस्तेमाल

मोबाइल यूजर को बड़ी राहत देते हुए यूनीक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ने घोषणा की है कि कस्टमर 1 दिसंबर से मोबाइल नंबर को आधार से लिंक कराने के लिए वन-टाइम पासवर्ड (OTP) का इस्तेमाल कर सकेंगे। यानी कि यूजर्स SMS या वॉयस आधारित IVRS कॉल या मोबाइल एप के माध्यम से OTP आधारित वेरिफिकेशन के लिए रिक्वेस्ट डाल सकते हैं।

3. मोबाइल सब्सक्राइबर ऑनलाइन नहीं कर सकते लिंकिंग

मोबाइल यूजर सिम को आधार से ऑनलाइन लिंक नहीं करा सकते हैं। अगर आपके पास किसी स्थिति में सिम को आधार से जोड़ने के लिए कोई लिंक आता है तो उस पर क्लिक न करें। ऐसे लिंक पर क्लिक करने से आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं।

4. री-वेरिफिकेशन के लिए आधार के अलावा नहीं होगी किसी और डॉक्युमेंट की जरुरत

E-KYC (आधार आधारित) री-वेरिफिकेशन कराने के लिए मोबाइल सब्स्क्राइबर को सिर्फ अपना आधार नंबर और एक्टिवेट सिम कनेक्शन लेकर जाना होगा।

5. सब्स्क्राइबर देश के किसी भी कोने से करा सकेंगे मोबाइल नंबर वेरिफाई या री-वेरिफाई

टेलिकॉम यूजर्स देश के किसी भी कोने से अपना मोबाइल नंबर वेरिफाई या री-वेरिफाई करा सकते हैं।

6. वरिष्ठ नागरिक घर बैठे करा सकेंगे मोबाइल सिम वेरिफाई

सरकार ने सभी टेलिकॉम ऑपरेटरों को आदेश दिया है कि वरिष्ठ नागरिकों के मोबाइल सिम को वेरिफाई करने के लिए कंपनियों को उनके घर जाना होगा। ये नियम उन यूजर्स को ध्यान में रख कर बनाया गया है जो बीमार हैं या चलने-फिरने में असमर्थ हैं। DoT के मुताबिक, टेलिकॉम कंपनियों को वेबसाइट पर लिंक या कोई और तरीका बताना होगा ताकि इस तरह की परेशानी से गुजरने वाले यूजर्स सर्विस रिक्वेस्ट कर सकें।

7. यूजर्स की e-KYC डीटेल नहीं देख सकेंगे एजेंट

अगर कोई एजेंट आपका बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन करवाता है तो टेलिकॉम कंपनियों को यह ध्यान रखना होगा कि वह सब्सक्राइबर की पूरी e-KYC जानकारी को ना देख सके। एक नई गाइडलाइन में दिए गए सुझाव में कहा गया है कि एजेंट के डिवाइस में किसी भी तरह का डाटा स्टोर नहीं होगा। हालांकि, टेलिकॉम कंपनी के एजेंट यूजर्स की तस्वीर और उनका e-KYC डाटा देख पाते हैं।

8. लिंक कराने के लिए नहीं देनी होंगी कोई फीस

मोबाइल सब्सक्राइबर को अपना मोबाइल नंबर आधार से लिंक कराने के लिए कोई पैसे नहीं देने होंगे। यानी कि यह पूरी तरह से मुफ्त है।

9. सभी मोबाइल नंबर बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन के माध्यम से करवाने होंगे लिंक

यूजर्स अगर एक से अधिक मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते हैं तो उन्हें हर मोबाइल कनेक्शन के लिए अलग बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन करवानी होगी।

10. आपकी सिम का नहीं होगा गलत इस्तेमाल

मोबाइल नंबरों से आधार को लिंक कराने का एक फायदा यह होगा कि सरकार उन यूजर्स को आसानी से पहचान पाएगी जो सिम कार्ड लेने के लिए नकली पहचान का इस्तेमाल करते हैं। इसके साथ ही कोई दूसरा आपके मोबाइल सिम का गलत इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। साथ ही, आधार बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन होने के बाद आपके नाम पर कोई दूसरा व्यक्ति सिम नहीं खरीद सकेगा।

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Edited By: Joyeeta Bhattacharya