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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

फिर से विवादों में घिरी फेसबुक, इन 61 कंपनियों के साथ शेयर की यूजर्स की निजी जानकारी

By Harshit HarshEdited By:
Published: Thu, 05 Jul 2018 09:55 AM (IST)Updated: Thu, 05 Jul 2018 01:27 PM (IST)

फेसबुक एक बार फिर से विवादों में घिर गया है, उसने कबूल किया है कि 61 कंपनियों को यूजर्स के ...और पढ़ें

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नई दिल्ली (टेक डेस्क)। सोशल मीडिया नेटवर्किंग साइट फेसबुक ने एक बार फिर से कबूला है कि उसने 61 कंपनियों के साथ यूजर्स का डाटा शेयर करने के लिए नियम में बदलाव किया है। यानी कि इन कंपनियों को फेसबुक ने डाटा शेयर करने के लिए स्पेशल एक्सेस दिया था। फेसबुक ने पिछले शुक्रवार को अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स एनर्जी एंड कॉमर्स कमिटी के सामने 747 पन्नों का कबूलनामा जमा किया। जिसमें फेसबुक ने माना कि उसने यूजर्स के लिंग, जन्मतिथि, लोकेशन, फोटो और पेज लाइक को इन 61 कंपनियों के साथ शेयर किया है।
 
आपको बता दें कि फेसबुक ने मई में स्वीकार किया था कि उसने चीनी स्मार्टफोन कंपनियों के साथ यूजर्स की निजी जानकारी साझा की थी। इससे पहले फरवरी में कैम्ब्रिज एनालिटिका डाटा लीक की वजह से फेसबुक की दुनियाभर में किरकिरी हुई थी। जिसके बाद फेसबुक के फाउंडर और सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने फेसबुक पोस्ट के जरिए यूजर्स से माफी मांगी थी और अपने सिक्योरिटी फीचर्स को और मजबूत बनाने की बात की थी।
 
आपको बता दें कि 2014 में फेसबुक ने एक रिस्ट्रिक्टेड एपीआई (एप्लिकेशन प्रोग्राम इंटरफेस) जोड़ा था, जिसके बाद किसी भी एप को फेसबुक यूजर्स की निजी जानकारी इकठ्ठा करने के लिए यूजर्स से परमिशन लेनी होती थी। जिसकी मदद से यूजर्स की निजी जानकारी, यूजर के परमिशन के बिना शेयर नहीं होती थी। फेसबुक ने अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद सभी थर्ड पार्टी एप को मई 2015 तक इस इंटरफेस पर माइग्रेट होने की डेडलाइन दी थी। जिसके बाद फेसबुक प्लेटफॉर्म पर मौजूद सभी एप इस नए एपीआई पर मई 2015 तक माइग्रेट हो गए लेकिन 61 कंपनियों को फेसबुक ने नए इंटरफेस पर माइग्रेट होने के लिए 6 महीने का अतिरिक्त समय दिया।
 
ये हैं वो 61 कंपनियां जिसको फेसबुक ने स्पेशल एक्सेस दिया था।
 
एबीसी सोशल, एक्टीआन्स, एडीयम, एन्सचूट्च इंटरटेनमेंट ग्रुप, एओएल, अर्कटान, ऑडी, बिनू, सेरुलिन स्टूडियोज, कॉफी मीट्स बेगल, डाटासिफ्ट, डिंगटोन, डबल डाउन इंटरेक्टिव, इंडोमोंडो, फ्लोइक्स, गारेना, ग्लोबल रिले कम्यूनिकेशन्स, हेरसे सिस्टम्स, हिंगे, हाईक्यू इंटरनेशनल एबी, हूटसूट, क्रश टेक्नोलोजीज, लाइव फायर (एडोब सिस्टम), मेल डॉट आरयू, मिगो चैट, मोंटेरोशा प्रोडक्शन्स लिमिटेड, नेवर डॉट नो एएस, नाइके, निंबूज, निशान मोटर कंपनी, ओरेकल, पेनासोनिक, प्लेटिका, पोस्टानो, टिगरलॉजिक कॉर्पोरेशन, रेडकॉल, रियल नेटवर्क्स इंक, रेज ईडी, रिलायंस (सावन), रोवी, सेल्सफोर्स, सिचेंज इंटरनेशनल, सेरोटेक कार्पोरेशन, शेप सर्विसेज, स्मार्श, स्नैप, सोशल सेफगार्ड, सोशलाईज एलएलसी, सोशल न्यूज डेस्क, सोशलवेयर, साउंडे म्यूजिक, स्पॉटिफाई, स्प्रेडफास्ट, स्प्रिंकलर, स्टोरीफूल लिमिटेड, टैगबोर्ड, टेलीस्कोप, ट्रेडेबल बिट्स, यूपीएस, विडप्रेशो, विजर्ट ग्रुप एएस, वेइन।
 
इन 61 कंपनियो के अलावा फेसबुक ने Serotek को भी 8 महीने का एक्सटेंशन दिया था। इसके अलावा फेसबुक ने यह भी माना कि एपीआई की बीटा टेस्टिंग के दौरान उसने पांच अन्य कंपनियों को यूजर्स के रिस्ट्रिक्डेड फ्रेंड्स का एक्सेस भी दिया था। ये कंपनियां हैं- एक्टिविजन, फन 2 शूट, गोल्डन यूनियन कंपनी, आईक्यू जोन, पीक सोशल।

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