Budget 2026: वित्त मंत्री ने दिया बड़ा तोहफा! स्मार्टफोन, टैबलेट होंगे सस्ते
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश करते हुए बताया कि सरकार की नीतियों से 7% आर्थिक विकास और गरीबी ...और पढ़ें
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Budget 2026: वित्त मंत्री ने दिया बड़ा तोहफा! स्मार्टफोन, टैबलेट होंगे सस्ते

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश कर दिया है। बजट भाषण के दौरान उन्होंने बताया है कि सरकार की नीतियों ने 7 प्रतिशत आर्थिक विकास को मजबूत आधार दिया है। इतना ही नहीं इन नीतियों ने गरीबी घटाने में भी अहम भूमिका निभाई है। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि भारत को अब ग्लोबल मार्केट के साथ और अधिक एकीकृत होने की जरूरत है, इसलिए विनिर्माण क्षेत्र में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं। साथ ही वित्त मंत्री ने टेक सेक्टर को भी इस बार बजट में बड़ा तोहफा दिया है जिससे ऐसा कहा जा रहा है कि स्मार्टफोन और टैबलेट भी सस्ते हो सकते हैं। चलिए समझते हैं कैसे
स्मार्टफोन और टैबलेट कैसे होंगे सस्ते?
दरअसल सरकार ने बजट में मेक-इन-इंडिया को बड़ा प्रोत्साहन देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े कई अहम एलान किए हैं। इसके चलते भारत में तैयार होने वाले स्मार्टफोन और टैबलेट के दामों में गिरावट देखने को मिल सकती है। साथ ही भारतीय फैक्ट्रियों में बने स्मार्टफोन और टैबलेट का प्रोडक्शन भी बढ़ेगा और घरेलू मैन्युफैक्चरिंग मजबूत होने से उपभोक्ताओं को ज्यादा किफायती डिवाइस मिल सकेंगे।
इतना ही नहीं विदेशी कंपनियों को भी भारत में प्रोडक्शन बढ़ाने का फायदा मिलेगा। यह खास कदम न केवल भारतीय उपभोक्ताओं को महंगे गैजेट्स सस्ते में उपलब्ध कराएगा, बल्कि देश को इलेक्ट्रॉनिक हब बनाने के टारगेट को भी पूरा करने में मदद करेगा।
लिथियम-आयन बैटरी के कंपोनेंट्स पर छूट
इस बजट में लिथियम-आयन बैटरी बनाने में इस्तेमाल होने वाले बहुत से कंपोनेंट्स पर भी आयात शुल्क में राहत का एलान किया गया है। इससे कहा जा रहा है कि बैटरी की लागत कम होगी। साथ ही इससे स्मार्टफोन और टैबलेट की कुल कीमत में भी कमी देखने को मिल सकती है।
इलेक्ट्रिक गैजेट्स की मैन्युफैक्चरिंग और भी सस्ती और फास्ट होने की भी अब उम्मीद जताई जा रही है। आपको बता दें कि स्मार्टफोन कंपनियां बैटरी को सबसे महंगे कंपोनेंट्स में से एक मानती हैं, ऐसे में ये रियायत उनकी लागत में सीधा असर डाल सकती है।

