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ईरान ने कैसे लगाई Starlink पर लगाम, एक क्लिक में बंद कर दिया सैटेलाइट इंटरनेट

Published: Tue, 13 Jan 2026 03:40 PM (IST)

ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच इंटरनेट पर कड़ा नियंत्रण लागू किया गया है। पहले मोबाइल डेटा और सोशल ...और पढ़ें

ईरान ने कैसे लगाई Starlink पर लगाम, एक क्लिक में बंद कर दिया सैटेलाइट इंटरनेट

ईरान ने कैसे लगाई Starlink पर लगाम, एक क्लिक में बंद कर दिया सैटेलाइट इंटरनेट

HighLights

  1. ईरान ने 'किल स्विच' से स्टारलिंक इंटरनेट बंद किया।

  2. जीपीएस और फ्रीक्वेंसी सिग्नल जाम करके कनेक्शन रोका।

  3. प्रदर्शनकारियों का संपर्क टूटा, सूचना प्रवाह बाधित हुआ।

टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। इन दिनों ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच अब इंटरनेट पर कंट्रोल अपने सबसे कड़े दौर में पहुंच गया है। जी हां, रेगुलर नेटवर्क तो पहले ही बंद कर दिया गया था अब इसके बाद ईरानी सरकार ने सैटेलाइट इंटरनेट सर्विस Starlink पर भी लगाम लगाई है। दरअसल सरकार ने ‘किल स्विच’ स्ट्रेटेजी अपनाते हुए Starlink को भी कुछ ही पलों में इनएक्टिव कर दिया। चलिए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

‘किल स्विच’ से कैसे बंद हो गया Starlink?

इसे आसान शब्दों में समझें तो ईरान ने सीधे Starlink के सर्वर को नहीं, बल्कि उसके काम करने के तरीके को ही अपना टारगेट बना लिया। जिसके बाद Starlink यूजर टर्मिनल और सैटेलाइट के बीच GPS बेस्ड लोकेशन और फ्रीक्वेंसी सिग्नल के जरिए कनेक्शन नहीं बना पाए। ईरानी एजेंसियों ने इन्हीं सिग्नल्स को जाम कर दिया, जिससे टर्मिनल सैटेलाइट से कनेक्ट ही नहीं हो पाए। इस प्रोसेस में न तो तार काटे गए और न ही किसी टावर को गिराए गया, सिर्फ एक डिजिटल ‘स्विच’ ऑन किया गया और सैटेलाइट इंटरनेट पूरी तरह से ठप पड़ गया।

पूरी कनेक्टिविटी एक क्लिक में कैसे रुकी?

जानकारी के अनुसार, सरकार ने पहले मोबाइल डेटा, ब्रॉडबैंड और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद जब लोग Starlink की ओर शिफ्ट होने लगे तो स्पेक्ट्रम कंट्रोल और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर टूल्स का इस्तेमाल करके सैटेलाइट लिंक को ब्लॉक किया गया।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसी कारण इसे ‘वन-क्लिक किल स्विच’ कहा जा रहा है, क्योंकि सेंट्रल सिस्टम से पूरे एरिया में एक साथ इंटरनेट ब्लॉक किया जा सकता है।

Starlink कैसे बढ़ा सकता था सरकार की मुश्किल?

Starlink, जो SpaceX की सर्विस है, जमीन पर मौजूद नेटवर्क पर डिपेंड नहीं है। यही वजह है कि प्रदर्शनकारी इसे सेंसरशिप से बचने का आखिरी रास्ता मान रहे थे लेकिन Starlink को ब्लॉक करने के बाद प्रदर्शनकारियों का न सिर्फ आपसी में कांटेक्ट टूट गया, बल्कि इंटरनेशनल मीडिया तक जानकारी पहुंचना भी काफी ज्यादा मुश्किल हो गया।

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