मैसेजिंग एप्स के लिए DoT का नया नियम: समझिए क्या है सिम बाइंडिंग और डेडलाइन से पहले क्या करना होगा?
भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (TCS) रूल्स, 2024 के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए भारतीय ...और पढ़ें

दूरसंचार विभाग ने मैसेजिंग एप्स के लिए सिम बाइंडिंग किया अनिवार्य। Photo- ChatGPT.
टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। मोबाइल नंबरों के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने टेलीकॉम साइबर सिक्योरिटी (TCS) रूल्स, 2024 के तहत 28 नवंबर 2025 को निर्देश जारी किए थे। इन निर्देशों के तहत भारतीय मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करने वाले एप-बेस्ड कम्युनिकेशन सर्विसेज के लिए SIM बाइंडिंग को अनिवार्य कर दिया गया है। भारत में सिम-बाइंडिंग नियम आधिकारिक तौर पर 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स को 31 दिसंबर 2026 तक इनका पूरी तरह से पालन करना होगा।
सिम बाइंडिंग आपके मैसेजिंग एप अकाउंट को आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के फिजिकल या ई-सिम कार्ड से सीधे जोड़ देती है। अगर आप अपने फोन से सिम निकालते हैं या बदलते हैं, तो जब तक आप दोबारा वेरिफिकेशन नहीं कर लेते, तब तक आपका अकाउंट कोई नया मैसेज या कॉल भेज और रिसीव नहीं कर सकेगा। ये कदम डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग, फ्रॉड कॉल्स, इंपर्सनेशन और इनवेस्टमेंट स्कैम्स जैसी ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने में मदद करता है। मैसेजिंग एप्स आपकी बातचीत को पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए इन गाइडलाइंस को लागू कर रहे हैं।
ये नियम किस पर लागू होता है?
सिम बाइंडिंग सिर्फ उन मैसेजिंग अकाउंट्स (जैसे- WhatsApp, Telegram, Snapchat, Arattai, ShareChat, Josh, JioChat और Signal) पर लागू होती है जो भारतीय (+91) मोबाइल नंबर से रजिस्टर्ड हैं। दूसरे देशों के नंबरों वाले अकाउंट्स पहले की तरह स्टैंडर्ड SMS OTP वेरिफिकेशन के जरिए ही साइन-इन करते रहेंगे।
+91 वाले अकाउंट्स के लिए अब केवल SMS OTP से साइन-इन करने की सुविधा बंद हो गई है।
बिना किसी रुकावट के मैसेजिंग सर्विसेज का इस्तेमाल जारी रखने के लिए कुछ एप्स ने 30 नवंबर 2026 से पहले अपना सिम वेरिफाई करना जरूरी कर दिया है। यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते वेरिफिकेशन पूरा कर लें।
प्राइमरी डिवाइस क्या है?
आपका प्राइमरी डिवाइस वह फोन होता है जहां:
- आपका रजिस्टर्ड सिम कार्ड लगा हो या एक्टिव eSIM मौजूद हो।
- सिम वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी हो।
- आपका अकाउंट सुरक्षित तरीके से लिंक हो।
- आपके पास केवल एक ही प्राइमरी डिवाइस हो सकता है और उसका स्मार्टफोन होना जरूरी है।
कुछ जरूरी सेटिंग्स केवल आपके प्राइमरी डिवाइस से ही की जा सकती हैं:
- अपना फोन नंबर बदलना।
- अकाउंट डिलीट करना।
- दूसरे सेशन्स को बंद करना।
- नए डिवाइसेज को लिंक करना।
- कंपेनियन डिवाइसेज में साइन-इन करने के लिए OTP रिसीव करना।
कंपेनियन डिवाइसेज क्या हैं?
कंपेनियन डिवाइसेज वे एक्स्ट्रा डिवाइसेज होते हैं जहां आप अपने प्राइमरी डिवाइस से लिंक करने के बाद मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करते हैं। उदाहरण के लिए:
- वेब एप
- टीवी एप
- दूसरा फोन या टैबलेट
कंपेनियन डिवाइस में सिम कार्ड की जरूरत नहीं होती और ये वेरिफिकेशन के लिए पूरी तरह आपके प्राइमरी डिवाइस पर निर्भर करता है।
सिम वेरिफाई करने का तरीका:
सिम वेरिफाई करने के लिए आपके रजिस्टर्ड सिम से एक टेक्स्ट मैसेज (SMS) भेजा जाता है। पहली बार साइन-इन करते वक्त, ऐप री-इंस्टॉल करने के बाद या एप द्वारा प्रॉम्प्ट मिलने पर इन स्टेप्स को फॉलो करें:
- अपना +91 मोबाइल नंबर एंटर करें।
- वेरिफिकेशन शुरू होने से पहले स्क्रीन पर आने वाले छोटे एक्सप्लेनर को पढ़ें।
वेरिफिकेशन मैसेज की प्रक्रिया आगे बढ़ाएं:
- Android: आपका डिफॉल्ट मैसेजिंग एप पहले से लिखे हुए टेक्स्ट मैसेज के साथ खुलेगा। 'Send' पर टैप करें और फिर वापस अपने मैसेजिंग ऐप में आ जाएं।
- iOS: एप के अंदर ही पहले से लिखा हुआ मैसेज कंपोजर खुलेगा। 'Send' पर टैप करें।
- जब तक प्लेटफॉर्म आपके नंबर की पुष्टि करता है, तब तक इंतजार करें (इसमें 1 मिनट तक का समय लग सकता है)।
- स्क्रीन पर एक प्रॉम्प्ट दिखेगा जिसमें बताया जाएगा कि फोन, वेब और टीवी के दूसरे सभी सेशन्स लॉगआउट हो जाएंगे, इसे रिव्यू करें और कन्फर्म करें।
वेरिफिकेशन पूरा होते ही वह डिवाइस आपका प्राइमरी डिवाइस बन जाएगा। बाकी सभी पुराने सेशन्स साइन-आउट हो जाएंगे और उन्हें दोबारा लिंक करना होगा। हालांकि, कनेक्टेड थर्ड-पार्टी इंटीग्रेशन्स और वेबहुक्स जुड़े रहेंगे।
जरूरी बातें:
- वेरिफिकेशन मैसेज को भेजने से पहले एडिट न करें, ऐसा करने पर वेरिफिकेशन फेल हो जाएगा।
- इस पूरी प्रक्रिया के दौरान मैसेजिंग प्लेटफॉर्म आपके प्राइवेट चैट्स को आमतौर पर नहीं पढ़ते हैं।
- आपके मोबाइल नेटवर्क प्रोवाइडर के स्टैंडर्ड SMS चार्ज लग सकते हैं।
- आप प्रति दिन 20 वेरिफिकेशन मैसेज तक रिक्वेस्ट कर सकते हैं।
- iOS 27 और उसके बाद के वर्जन पर मैसेज कंपोजर तभी खुलेगा जब दर्ज किया गया नंबर आपके फोन के नंबर से मैच करेगा।
वेरिफिकेशन फेल होने पर क्या करें?
अगर वेरिफिकेशन फेल होता है, तो स्क्रीन पर एरर मैसेज आएगा। ऐसे में इन बातों की जांच करें और दोबारा कोशिश करें:
- आपका रजिस्टर्ड सिम फोन में लगा हो और एक्टिव हो।
- आपके मोबाइल प्लान में SMS भेजने की सुविधा मौजूद हो।
- फोन में सेल्युलर नेटवर्क कवरेज आ रहा हो (अगर विदेश में हैं, तो रोमिंग ऑन हो)।
- डुअल सिम फोन में रजिस्टर्ड सिम को SMS के लिए डिफॉल्ट सेट किया गया हो।
- एयरप्लेन मोड बंद हो।
- अगर आप किसी दूसरे नंबर से मैसेज भेजते हैं, तो ऐप आपको डिफॉल्ट SMS सिम बदलने के लिए कहेगा। कोशिश फेल होने के बाद आप 'Report issue' पर टैप कर सकते हैं या सपोर्ट से संपर्क कर सकते हैं।
अगर प्राइमरी सिम डिटेक्ट न हो तो क्या होगा?
अगर आप प्राइमरी सिम निकालते हैं, बदलते हैं या सिम इनएक्टिव हो जाता है, तो आपका अकाउंट री-ऑथेंटिकेशन मोड में चला जाता है। आप साइन-इन रहेंगे और आपकी चैट डिवाइस पर सुरक्षित रहेगी, लेकिन जब तक आप दोबारा वेरिफाई नहीं करते, तब तक कोई नया मैसेज या कॉल नहीं आ-जा सकेगा।
कमजोर सिग्नल, नो नेटवर्क, वाई-फाई कॉलिंग और एयरप्लेन मोड से री-ऑथेंटिकेशन ट्रिगर नहीं होता। अगर आप ऑफलाइन रहते हुए सिम निकालते हैं, तो फोन के दोबारा ऑनलाइन आते ही एप रिस्पॉन्ड करेगा।
आपके डिवाइसेज पर इसका असर इस तरह पड़ेगा:
- प्राइमरी डिवाइस: आप पुरानी चैट्स पढ़ सकते हैं, लेकिन जब तक सिम दोबारा वेरिफाई नहीं होता, तब तक मैसेज या कॉल नहीं कर पाएंगे।
- Android और iOS कंपेनियन डिवाइसेज: ये 'रीड ओनली' मोड में चले जाएंगे। आप पुरानी चैट्स देख सकेंगे, लेकिन मैसेज भेजने, कॉल करने, सेटिंग्स बदलने या नए डिवाइस लिंक करने की सुविधा बंद रहेगी। अगर आपका प्राइमरी डिवाइस पुराने सिस्टम पर है, तो शायद कंपेनियन डिवाइस काम करता रहे।
- वेब और टीवी कंपेनियन डिवाइसेज: इनका सेशन पूरी तरह लॉक हो जाएगा और चैट्स दिखाई नहीं देंगी। (ये नियम तब लागू होता है जब प्राइमरी फोन Android हो या iOS 27 या उसके बाद के वर्जन पर चल रहा हो)।
एक्सेस वापस पाने के लिए अपने प्राइमरी डिवाइस में सिम लगाएं, मैसेजिंग ऐप खोलें और वेरिफाई करें। इसके बाद प्राइमरी डिवाइस से मिलने वाले OTP के जरिए हर कंपेनियन डिवाइस को फिर से वेरिफाई करें।
प्राइमरी डिवाइस इनएक्टिव रहने पर
अगर आप 14 दिनों तक प्राइमरी डिवाइस पर एप का इस्तेमाल नहीं करते हैं, तो सभी कंपेनियन डिवाइसेज को दोबारा वेरिफिकेशन की जरूरत होगी। इसके लिए प्राइमरी फोन पर एप खोलें और OTP की मदद से कंपेनियन डिवाइसेज को फिर से लिंक करें।
डेडलाइन तक वेरिफाई न करने पर क्या होगा?
30 नवंबर 2026 के बाद अनवेरिफाइड अकाउंट्स पर पाबंदियां लग जाएंगी:
- प्राइमरी डिवाइस: दिन में एक बार फुल-स्क्रीन रिमाइंडर दिखेगा और चैट बॉक्स में वेरिफिकेशन का प्रॉम्प्ट आएगा। शुरू करने के लिए 'Verify now' पर टैप करें।
- कंपेनियन डिवाइसेज: मैसेज बॉक्स में प्राइमरी डिवाइस से वेरिफाई करने का मैसेज दिखाई देगा।
- वेब: आप ऑटोमैटिकली लॉगआउट हो जाएंगे। वापस लॉगिन करने के लिए पहले प्राइमरी डिवाइस पर सिम वेरिफाई करना होगा।
- चैट लिस्ट: वेरिफिकेशन पूरा होने तक इंटरफेस के टॉप पर एक बैनर हमेशा दिखाई देता रहेगा।
- जैसे ही आप अपना अकाउंट वेरिफाई कर लेंगे, ये सभी रिस्ट्रिक्शन्स अपने आप हट जाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs):
क्या विदेशी नंबर इस्तेमाल करने पर भी वेरिफिकेशन जरूरी है?
नहीं, सिम बाइंडिंग केवल +91 वाले भारतीय नंबरों पर ही लागू होती है।
क्या सिम निकालने पर मेरी पुरानी चैट्स डिलीट हो जाएंगी?
नहीं, आप ऐप में साइन-इन रहेंगे और चैट्स सुरक्षित रहेंगी। आप उन्हें पढ़ सकते हैं, लेकिन वेरिफिकेशन के बिना नए मैसेज नहीं भेज सकेंगे।
क्या अकाउंट को नए फोन में लिंक किया जा सकता है?
हां, नए फोन में अपना सिम लगाएं, साइन-इन करें और वेरिफाई करें। वह आपका नया प्राइमरी डिवाइस बन जाएगा और पुराने सभी सेशन्स अपने आप लॉगआउट हो जाएंगे।
एप री-इंस्टॉल करने पर क्या दोबारा वेरिफाई करना होगा?
हां, री-इंस्टॉल के बाद आपको सेटअप प्रोसेस दोबारा पूरा करना होगा।
नंबर बदलने पर क्या प्रक्रिया होगी?
आपको नए नंबर के सिम को वेरिफाई करना होगा और बाकी सभी सेशन्स लॉगआउट हो जाएंगे। नंबर बदलने का OTP पुराने तरीके से SMS पर भेजा जाएगा। अगर नया नंबर +91 का नहीं है, तो आपके अकाउंट पर सिम बाइंडिंग नियम लागू नहीं होगा।
क्या वेब या टीवी एप से सिम वेरिफाई किया जा सकता है?
नहीं, सिम वेरिफिकेशन केवल आपके प्राइमरी स्मार्टफोन से ही किया जा सकता है।
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