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कढ़ाई में भूलकर भी न खाएं खाना, वरना हमेशा के लिए रूठ जाएंगी मां लक्ष्मी

Published: Sun, 31 May 2026 03:00 PM (IST)

सनातन शास्त्रों के अनुसार कढ़ाई से सीधे खाना खाने को वर्जित माना गया है, क्योंकि यह मां अन्नपूर्णा और मां ...और पढ़ें

कढ़ाई में भूलकर भी न करें भोजन (Image Source: AI-Generated)

कढ़ाई में भूलकर भी न करें भोजन (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन शास्त्रों में भोजन को लेकर कई नियमों का वर्णन विस्तार से किया गया है। कभी-कभी लोग जल्दबाजी में कढ़ाई से सीधे खाना खाने लगते हैं। शास्त्रों में बर्तन या कढ़ाई में खाना वर्जित माना गया है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस गलती को करने से मां अन्नपूर्णा और मां लक्ष्मी का अपमान माना जाता है। इसलिए इस तरह की गलती को करने से बचना चाहिए, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भोजन बनाने वाले बर्तन में सीधे भोजन क्यों नहीं करना चाहिए। अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए जानते हैं एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा से विस्तार से।

एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, खाना पकाने वाले बर्तन या कढ़ाई में सीधे भोजन न करने के पीछे धार्मिक, व्यावहारिक और सुरक्षात्मक कारण छिपे हैं। एक प्रचलित लोक मान्यता है कि जो व्यक्ति सीधे कढ़ाई में भोजन करता है, उसकी शादी में वर्षा होने की संभावना बनी रहती है। हालांकि यह एक सामाजिक मान्यता है, लेकिन इसके पीछे के अन्य कारण अधिक गहरे हैं।

सात्विकता के दृष्टिकोण से, जिस बर्तन में भोजन पकाया जाता है, उसे पवित्र माना जाता है। सीधे उसी बर्तन में खाने से पूरा भोजन जूठा हो सकता है, जो मर्यादा के विरुद्ध है। सुरक्षा की दृष्टि से भी यह अनुचित है; क्योंकि यदि कढ़ाई गर्म हो, तो उससे जलने या किसी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। इसीलिए भोजन को पहले अलग पात्र या थाली में निकालकर ही ग्रहण करना शास्त्र संवत और स्वास्थ्यप्रद माना गया है।

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भोजन बनाते समय ध्यान रखें ये खास बातें वास्तु टिप्स

  • वास्तु के अनुसार, खाना बनाते समय ध्यान रखें कि आपका मुख पूर्व दिशा की तरफ होना चाहिए। इससे परिवार के सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
  • ऐसा माना जाता है कि दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके भोजन बनाने से तनाव की समस्या बढ़ सकती हैं।
  • स्नान करने के बाद ही भोजन करना चाहिए। इससे मां अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त होती है।
  • भारतीय परंपरा के मुताबिक, सुबह की बनने वाली पहली रोटी गाय के लिए निकालनी चाहिए। इसे बहुत शुभ माना जाता है। रोजाना ऐसा करने से परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।