सिर्फ कपड़े सुखाने की जगह नहीं है बालकनी, इन गलतियों से बचेंगे तो बढ़ेगी घर में खुशहाली
बालकनी घर का महत्वपूर्ण हिस्सा है जो बाहरी ऊर्जा से जुड़ता है। इसे हमेशा साफ और व्यवस्थित रखना चाहिए। वास्तु ...और पढ़ें

अच्छे वास्तु के लिए बालकनी को कैसे व्यवस्थित करें?

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अधिकांश लोग अपने घर, अपार्टमेंट और लिविंग रूम का ध्यान तो रखते हैं, लेकिन बात जब बालकनी की आती है, तो उनके लिए यह जगह सिर्फ कुर्सी रखकर बैठने और कपड़े सुखाने से ज्यादा कुछ नहीं होती है।
वास्तु शास्त्र में बालकनी या छत आपके घर का वह जरूरी हिस्सा है जो सीधे खुले आकाश के सामने होता है। यहीं से आपके घर को प्राण वायु लेने की शक्ति मिलती है और यहीं से बाहरी ऊर्जा सबसे पहले आपके घर में अंदर आती है। आइए जानते हैं बालकनी से जुड़ी जरूरी बातों के बारे में।
वास्तु शास्त्र में बालकनी का महत्व
आपको अपने घर या अपार्टमेंट की बालकनी को हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना चाहिए। इस स्थान पर पुराने फर्नीचर, बेकार पड़े गमले या स्टोरेज बॉक्स से भरी बालकनी ऊर्जा के प्रवाह को ठीक उसी जगह रोकती है, जहां आपके घर को इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है। सबसे पहले बालकनी को आपके रहने की जगह से अलग रखें। यहां पर भारी, गहरे रंग के पर्दों या ठोस विभाजनों से भी बचना चाहिए।
अगर बालकनी में प्राइवेसी आपके लिए चिंता का विषय है, तो आप अपारदर्शी पैनलों के बजाय हल्के, सांस लेने योग्य कपड़े का इस्तेमाल कर सकते हैं।
अगर आप अपने घर की बालकनी में बैठते, पढ़ते या सुबह के समय कॉफी पीते हैं, तो अपनी कुर्सी को इस तरह से रखें कि बैठते समय आपका चेहरा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए। इससे आप उस दिशा की नेचुरल एनर्जी से कनेक्ट कर पाएंगे।
इसके अलावा बालकनी की दीवारों या फर्नीचर के लिए हमेशा सफेद, क्रीम, हल्का पीला और नरम हरा रंग ही बेहतर माना जाता है। ये रंग प्रकाश को अपने में अवशोषित करने के बजाय परावर्तन (Reflection) कर देते हैं। जिससे वह स्थान भारी लगने के बजाय जीवंत महसूस होता है।
बालकनी से जुड़ी कौन-सी गलती नहीं करनी चाहिए?
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर या अपार्टमेंट की बालकनी में कुछ खास बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। रेलिंग के सहारे साइकिलें, टूटा हुआ फर्नीचर और धूल से सने गत्ते के ढेर न केवल देखने में गंदे लगते हैं, बल्कि वे उस ऊर्जा को भी रोकते हैं जो उस खुले स्थान से आपके घर में प्रवेश करती है।
बंद बालकनी चाहे वह सामान से भरी सुरक्षा ग्रिल से ढकी हो या कभी न खुलने वाले पर्दों से तो भी आपके घर और बाहर की ऊर्जा बाधित हो सकती है।
कई लोग अपने बालकनी में कैक्टस, घने कांटों वाले पेड़-पौधे और बोनसाई के पेड़ लगाते हैं, ताकि बालकनी सुंदर लगे लेकिन वास्तु शास्त्र के मुताबिक ये नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करते हैं। इन्हें बालकनी में लगाने से बचना चाहिए।
आपकी बालकनी कोई खाली जगह नहीं है। यह आपके घर और बाहरी दुनिया के बीच संपर्क करने का पहला मार्ग है और वास्तु शास्त्र में यही पहला मार्ग आपके घर की ऊर्जा के लिए जिम्मेदार होता है। इसलिए बालकनी में बेवजह की चीजों को रखने से बचना चाहिए।
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