Toilet Vastu Tips: टॉयलेट की गलत दिशा से आ रही परेशानियां होंगी दूर, अपनाएं ये आसान वास्तु टिप्स
गलत दिशा में टॉयलेट होने से वास्तु दोष बढ़ता है। जानें बिना तोड़-फोड़ और बिना खर्च के टॉयलेट के वास्तु ...और पढ़ें

टॉयलेट वास्तु दोष से ऐसे पाएं छुटकारा। (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
समुद्री नमक नकारात्मक ऊर्जा कम करने में सहायक।
टॉयलेट का दरवाजा हमेशा बंद रखें, साफ-सफाई जरूरी।
गलत दिशा के लिए रंगीन टेप और उचित रोशनी।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। घर में टॉयलेट का निर्माण गलत दिशा में हो जाए, तो वास्तु शास्त्र के मुताबिक इससे वास्तु दोष लग सकता है। वास्तु शास्त्र में घर की दिशाओं और वहां बनी जगहों को खास महत्व दिया जाता है। माना जाता है कि ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में टॉयलेट होने से वास्तु दोष लगता है।
हालांकि, हर बार टॉयलेट को तोड़कर दोबारा बनवाना संभव नहीं होता। ऐसे में कुछ आसान उपाय अपनाकर बिना ज्यादा खर्च किए टॉयलेट की व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसे ही 5 वास्तु टिप्स, जिन्हें आप आसानी से अपना सकते हैं।
टॉयलेट में रखें सी-सॉल्ट की कटोरी
वास्तु शास्त्र में समुद्री नमक यानी सी-सॉल्ट को नकारात्मक ऊर्जा कम करने का अच्छा विकल्प माना जाता है। माना जाता है कि गलत दिशा में बने टॉयलेट के किसी कोने में एक छोटी कटोरी में सी-सॉल्ट रख सकते हैं। ऐसा करने से टॉयलेट के वास्तु दोष के प्रभाव को कम किया जा सकता है। हां, इस बात का ध्यान रखना होगा कि नमक हर सप्ताह बदला जाए और पुराना नमक दोबारा इस्तेमाल नहीं किया जाए।
टॉयलेट का दरवाजा हमेशा बंद रखें
कई घरों में लोगों की आदत होती है कि टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद उसके दरवाजे को खुला छोड़ दिया जाता है। जबकि टॉयलेट के दरवाजे को हमेशा बंद करके ही रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार टॉयलेट वह स्थान होता है, जहां सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। ऐसे में टॉयलेट का इस्तेमाल करने के बाद दरवाजा बंद रखने की आदत डालें। इसके अलावा, टॉयलेट की साफ सफाई पर भी पूरा ध्यान देना चाहिए। टॉयलेट की हल्की-फुल्की सफाई तो रोज ही कर लेनी चाहिए, मगर सप्ताह में एक बार आपको टॉयलेट की डीप क्लीनिंग भी करनी चाहिए।
दरवाजे के बाहर लगाएं छोटा शीशा
वस्तु के अनुसार, गलत दिशा में बने टॉयलेट के दरवाजे के बाहर शीशा लगाने से वास्तु दोष का प्रभाव कम हो जाता है। इसके लिए टॉयलेट के दरवाजे के सामने वाली दीवार पर एक छोटा शीशा लगाया जा सकता है। इस बात का ध्यान रखें कि बाथरूम के बाहर जो शीशा लगा है, उसकी आप नियमित सफाई करें।
टॉयलेट सीट के आसपास इस्तेमाल करें रंगीन टेप
इस वास्तु उपाय के बारे में कम लोगों को ही जानकारी होगी। वास्तु शास्त्र में अलग-अलग दिशाओं के लिए अलग-अलग रंगों को शुभ माना जाता है। मान्यता है कि टॉयलेट की दिशा के हिसाब से रंगीन टेप का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। अगर आपके घर में टॉयलेट गलत दिशा में है, तो जिस दिशा में वो है, उस दिशा के रंग के टेप को टॉयलेट सीट के नीचे बाउंडरीज पर लगा दें। जैसे- उत्तर दिशा में टॉयलेट सीट है तो नीले या हरे रंग का टेप लगाएं, पूर्व दिशा में है तो हरे रंग का टेप लगाएं। वहीं दक्षिण या आग्नेय कोण में सीट है, तो लाल या नारंगी रंग का टेप लगाएं, वहीं दक्षिण दिशा में टॉयलेट सीट के होने पर पीले या सुनहरे रंग का टेप लगाएं। याद रखें कि टेप को हमेशा साफ रखा जाए।
टॉयलेट में रखें रोशनी
वास्तु के अनुसार टॉयलेट में साफ-सफाई के साथ-साथ रोशनी का भी पूरा ध्यान रखना चाहिए। अंधेरे वाले बाथरूम या कम रोशनी वाले बाथरूम में हमेशा नकारात्मक ऊर्जा का वास रहता है। वहीं रोशनी के साथ-साथ बाथरूम में सही वेंटिलेशन का ध्यान रखें और इस बात का भी ध्यान रखें कि बाथरूम सूखा हो और उससे दुर्गंध न आ रही हो।
अत: आपका बाथरूम गलत दिशा में बना है और उससे घर में वास्तु दोष लग रहा है, तो उसके प्रभाव को कम करने के लिए आप ऊपर दिए गए वास्तु टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।
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