विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में मुख्य द्वार से जुड़े ये 'वास्‍तु उपाय' दिलाएंगे पितरों का आशीर्वाद

Published: Tue, 22 Sep 2026 06:35 PM (IST)Updated: Tue, 22 Sep 2026 06:43 PM (IST)

पितृ पक्ष के दौरान घर के मुख्य द्वार से जुड़े वास्तु नियमों का पालन करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त ...और पढ़ें

पितरों का आशीर्वाद पाने के उपाय । (Picture Credit- AI Generated)

 पितरों का आशीर्वाद पाने के उपाय । (Picture Credit- AI Generated)

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पितृ पक्ष का समय हिंदू धर्म में बहुत ही महत्वपूर्ण होता है। इन दिनों सभी अपने पूर्वजों को याद करते हैं और उन्हें श्रद्धा से घर में आने के लिए आमंत्रित करते हैं। इतना ही नहीं, इन दिनों में लोग अपने पितरों का तर्पण, श्राद्ध और पिंडदान भी करते हैं। पितृ पक्ष से जुड़ी कई मान्यताओं के साथ-साथ इससे जुड़े कुछ वास्तु नियम भी बताए गए हैं, जिनका पालन किया जाए तो पितृ खुश हो जाते हैं।

वास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार बहुत महत्वपूर्ण स्थान होता है। इसे घर में ऊर्जा के प्रवेश का प्रमुख मार्ग माना जाता है। इसलिए पितृ पक्ष के दौरान मुख्य द्वार को साफ और व्यवस्थित रखना बहुत जरूरी हो जाता है। चलिए इस बारे में विस्‍तार से जानते हैं।

मुख्य द्वार की अच्छी तरह सफाई करें

पितृ पक्ष में सबसे पहले घर के मुख्य द्वार की अच्छी तरह सफाई करें। दरवाजे के आसपास धूल, मिट्टी और गंदगी जमा न होने दें। अगर दरवाजे या उसके आसपास जाले लगे हैं, तो उन्हें भी साफ कर दें।

मुख्य द्वार के पास पुराने डिब्बे, टूटा हुआ सामान, कबाड़ या बेकार वस्तुएं रखने से बचें। वास्तु में साफ-सुथरे प्रवेश द्वार को शुभ माना जाता है।

जूते-चप्पल व्यवस्थित रखें

मुख्य दरवाजे के सामने बिखरे हुए जूते-चप्पल घर की सुंदरता खराब कर देते हैं, साथ ही घर बाहर से ही अव्‍यवस्थित लगने लगता है। इसलिए इन्हें दरवाजे के पास फैलाकर रखने के बजाय किसी उचित स्थान पर व्यवस्थित तरह से रखें। वास्तु के अनुसार जूते-चप्पल रखने के लिए दक्षिण या पश्चिम दिशा को सबसे अच्‍छा माना गया है

तोरण और रंगोली से सजाएं

पितृ पक्ष को कई लोग शोक का समय समझते हैं, मगर यह एक पर्व की तरह मनाया जाना चाहिए। इन दिनों हमारे पितृ हमारे साथ घर पर रहने के लिए आते हैं। ऐसे में घर के मुख्‍य द्वार या दरवाजे को तोरण और रंगोली से सजाना चाहिए। आप इस अवसर पर आम या अशोक के पत्तों और गेंदे के फूलों से बना तोरण घर के मुख्‍य द्वार पर लगा सकते हैं। इतना ही नहीं, आपको मुख्य द्वार के सामने साफ जगह पर छोटी रंगोली भी बनानी चाहिए। इससे प्रवेश द्वार सुंदर और साफ-सुथरा दिखाई देता है।

दरवाजे से आवाज नहीं आनी चाहिए

पितृ पक्ष के दौरान मुख्य दरवाजा खोलते या बंद करते समय कर्कश या तेज आवाज नहीं आनी चाहिए। यदि ऐसा होता है तो उसकी मरम्मत पहले ही करा लेनी चाहिए। आप दरवाजों के कब्जों में तेल डालकर भी उसे सही कर सकते हैं। वास्तु के अनुसार घर में शांत माहौल और व्यवस्थित चीजें होने से पितरों को बहुत अच्छा लगता है।

शाम को मुख्य द्वार पर रोशनी रखें

शाम के समय घर के मुख्य द्वार पर पर्याप्त रोशनी रखें। इससे जब पितरों को घर के रास्‍ते में अंधकार नहीं मिलता है और प्रवेश द्वार भी साफ और अच्‍छा नजर आता है।

दहलीज को रखें साफ

मुख्य द्वार की दहलीज यानी चौखट का भी पितृ पक्ष के दौरान विशेष महत्व माना गया है। इन दिनों में दहलीज को रोजाना ताजे गोबर से लीपा जाता है। यदि आपके घर की दहलीज पहले टूटी हुई है तो पितृ पक्ष के आने से पूर्व ही उसकी मरम्‍मत करा लें। कुछ घर के उस कमरे या स्‍थान की दहलीज को लांघने पर भी रोक होती है, जहां पर पितरों की स्‍थापना की जाती है।

शुभ पौधे आसपास लगाएं

पितृ पक्ष के दौरान मुख्य द्वार के आसपास तुलसी, अशोक या शमी का पौधा लगाया जा सकता है। यह सभी पौधे पितृ पक्ष के दौरान घर पर लगाना वास्‍तु के लिहाज से बहुत अधिक शुभ माना जाता है।

यह भी पढ़ें- पितृ पक्ष 2026: श्राद्ध लगने से पहले हर हाल में पूरे कर लें ये 4 काम, वरना लग सकता है पितृ दोष

यह भी पढ़ें- पितृ पक्ष में तर्पण करते समय भूलकर भी न करें दिशा की अनदेखी, गरुड़ पुराण में लिखा है यह खास नियम

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।