पितृ पक्ष 2026: श्राद्ध लगने से पहले हर हाल में पूरे कर लें ये 4 काम, वरना लग सकता है पितृ दोष
पितृ पक्ष के 15 दिन पूर्वजों को समर्पित होते हैं। जानिए श्राद्ध शुरू होने से पहले कौन-से काम कर लेने ...और पढ़ें

पितृ पक्ष 2026 के नियम (AI-generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष (श्राद्ध) का विशेष महत्व है। यह 15 दिनों का समय पूरी तरह से हमारे पूर्वजों को समर्पित होता है। मान्यता है कि अगर हमारे पितर खुश हैं, तो जीवन में सुख-शांति और तरक्की बनी रहती है।
वहीं, अगर पितृ किसी भी वजह से नाराज हो जाएं तो कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए, पितृ पक्ष शुरू होने से पहले और इसके दौरान कुछ खास नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करना बेहद जरूरी माना गया है। तो चलिए जानते हैं कि आखिर वो कौन-से नियम और काम हैं जो हमें पितृ पक्ष से पहले और उस अवधि के दौरान करने चाहिए।
पितृ पक्ष शुरू होने से पहले जरूर कर लें ये सभी काम
- श्राद्ध के दौरान शादी, सगाई, रोका या गृह प्रवेश जैसे कोई भी शुभ काम नहीं किए जाते हैं। अगर कोई बहुत जरूरी रस्म है, तो उसे पितृ पक्ष लगने से पहले ही पूरा कर लें।
- श्राद्ध शुरू होने से पहले घर का कोना-कोना, पूजा घर और मुख्य द्वार अच्छे से साफ कर लेने चाहिए। ये काम पितृ पक्ष में करने की मनाही है, इसलिए घर में पड़ा कबाड़ या टूटी-फूटी चीजें पहले ही बाहर निकालकर फैंक दें।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष के दौरान बाल कटवाना या दाढ़ी बनाना अशुभ माना जाता है। इसलिए, अगर आपको हेयरकट या शेविंग करानी है, तो ये काम पहले ही निपटा लें।
- घर के आस-पास या किसी गमले में अगर कोई भी पौधा सूख रहा हो या फिर सूख गया है, तो उन्हें हटाकर सफाई कर लें। खास तौर पर अगर ये पौधा तुलसी का है तो उसे सम्मान के साथ विसर्जित करना सही होगा।
पितृ पक्ष के दौरान क्या करें और क्या नहीं?
मान्यता है कि इन दिनों में घर में सिर्फ सात्विक भोजन ही बनना चाहिए। इस दौरान मांस, मछली, अंडा, प्याज-लहसुन और शराब जैसी चीजों से पूरी तरह से परहेज करने की सलाह दी जाती है।
पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान जरूर करना चाहिए। अगर आप पितृ दोष (Pitru Dosha) से परेशान हैं, तो इन 15 दिनों में 'सुंदरकांड' और 'भगवद गीता' के सातवें अध्याय का पाठ जरूर करना चाहिए, यह बहुत ही फलदायी माना गया है।
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