वास्तु शास्त्र: घर के इस कोने में कभी नहीं बिताएं अधिक समय, बुद्धि हो जाती है भ्रष्ट
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में अधिक समय बिताना शुभ नहीं माना जाता है, क्योंकि यह आलस्य और भ्रम पैदा कर सकता है।

राहु और केतु दोनों ही भ्रम पैदा करने वाले ग्रह हैं। (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तुशास्त्र में 16 दिशाओं का वर्णन मिलता है और हर दिशा का अलग महत्व भी बताया गया है। इन दिशाओं में कुछ बहुत शुभ फल देने वाली दिशाएं हैं, तो कुछ आपकी ऊर्जा को कमजोर बनाने वाली दिशाएं हैं। इसलिए घर की कुछ दिशाओं में ज्यादा समय बिताना मन में भारीपन और ठहराव लेकर आता है। आज हम आपको घर की उसी दिशा के बारे में बताएंगे, जहां ज्यादा देर समय बिताने पर आपकी बुद्धि तक भ्रष्ट हो सकती है।
घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा नहीं होती है अच्छी
वास्तुशास्त्र में घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा को बहुत अधिक अच्छा नहीं माना गया है। इस दिशा को नैऋत देवता, जो कि राक्षसों के देवता हैं, उन्हें समर्पित किया गया है। इस दिशा का स्वामी राहु और केतु ग्रह है।
यह दिशा जीवन में आलस्य लेकर आती है। इस दिशा में अधिक समय बिताने पर दिमाग चलना बंद हो जाता है। इसे विलासिता का स्थान भी माना जाता है। इस दिशा में अधिक देर बैठना, आपके दिमाग को शून्य कर सकता है और जीवन में ठहराव ला सकता है।
घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में क्या होना चाहिए?
वास्तुशास्त्र के आधार पर या तो इस दिशा में आपको स्टोर रूम बनाना चाहिए या फिर बेडरूम। दोनों ही ऐसे स्थान हैं, जहां आप बहुत अधिक वक्त नहीं गुजारेंगे। बेडरूम में आप केवल सोने, रेस्ट करने या फिर कपड़े बदलने ही जाएंगे, वहीं स्टोर रूम में कोई जरूरी या बेकार का सामान रखने के लिए जाएंगे।
घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा में ज्यादा वक्त गुजारने पर क्या होगा?
सबसे पहले तो आलस्य आपको घेर लेगा। आप बहुत ज्यादा अच्छी तरह से निर्णय नहीं ले पाएंगे। राहु और केतु दोनों ही भ्रम पैदा करने वाले ग्रह हैं। आपके भी स्वभाव में भी भ्रम पैदा करने वाली सोच प्रबल रहेगी। इससे कोई निर्णय लेने में आप खुद को सक्षम महसूस नहीं करेंगे
घर के इस कोने में आपको बहुत अधिक नींद आएगी क्योंकि यह राहु और केतु का स्थान और दोनों ही ग्रह आलस्य के कारक हैं। इस दिशा में बैठकर कभी भी ऑफिस का और पढ़ाई-लिखाई से जुड़ा काम न करें, क्योंकि यदि आप ऐसा करेंगे, तो उनमें कभी सफलता नहीं मिलेगी।
अतः यह दिशा केवल सोने और आराम करने के लिए ही अच्छी मानी जाती है।
यह भी पढ़ें- वास्तु दोष को जड़ से खत्म करती है 'पंचमुखी हनुमान जी' की मूर्ति, होते हैं चमत्कारी फायदे
यह भी पढ़ें- वास्तु टिप्स : घर में क्लेश और बीमारी का कारण बनती है गंदी सिंक और बेसिन , रात में सोने से पहले जरूर करें यह काम
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
