पिठोरी अमावस्या की रात जलाएं थोड़ा सा कपूर, रातों-रात बदलेगा घर का माहौल
पिठोरी अमावस्या पर जानिए रात को कपूर जलाने के क्या धार्मिक और वैज्ञानिक फायदे हैं, जो आपके घर से नकारात्मकता, ...और पढ़ें

पिठोरी अमावस्या पर क्या उपाय करें? (AI-Generated Image)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में भाद्रपद महीने की अमावस्या का बहुत ही खास महत्व है। इसे हम पिठोरी अमावस्या के अलावा कुशाग्रहणी अमावस्या, पोला अमावस्या और मातृ अमावस्या जैसे कई अलग-अलग नामों से जानते हैं। इस साल यह शुभ तिथि आज 10 सितंबर 2026, गुरुवार के दिन पड़ रही है।
यह दिन सिर्फ पितरों को याद करने, उनके तर्पण या उनकी आत्मा की शांति के लिए ही उत्तम नहीं है, बल्कि इस रात किए गए कुछ आसान उपाय आपके जीवन की बड़ी-बड़ी परेशानियों को चुटकियों में सुलझा सकते हैं। अगर आपके घर में बिना बात के अक्सर लड़ाई-झगड़े होते हैं, पैसों की हमेशा तंगी बनी रहती है या मन में अजीब सी अशांति रहती है, तो आज की रात आपको कपूर का एक छोटा सा लेकिन अचूक उपाय जरूर करना चाहिए।
पूजा में कपूर का महत्व
हिंदू धर्म में कोई भी पूजा, हवन या आरती कपूर के बिना अधूरी मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कपूर के धुएं से उठने वाली मनमोहक सुगंध सीधे तौर पर पॉजिटिव एनर्जी को अपनी ओर खींचती है और देवी-देवताओं को प्रसन्न करती है। कपूर के जलने की प्रक्रिया को सर्वशक्तिमान ईश्वर से जुड़ने और एकता का प्रतीक माना गया है।
कपूर जलाने के फायदे
हवा की शुद्धि: कपूर को जलाना सिर्फ धार्मिक रूप से ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक नजरिए से भी अच्छा है। जलते हुए कपूर की तेज खुशबू हवा में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को खत्म कर देती है, जिससे आपके आस-पास का वातावरण एकदम शुद्ध और सेहतमंद हो जाता है।
नेगेटिव एनर्जी का खात्मा: अगर आप रोज शाम के समय मिट्टी के किसी दीये या पात्र में कपूर जलाकर उसका धुआं पूरे घर के हर कोने में फैलाते हैं, तो इससे घर की सारी नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकल जाती है।
पितृ दोष से मुक्ति: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अमावस्या की रात घर में कपूर जलाने से पितृ दोष शांत होता है। पूर्वजों का आशीर्वाद मिलता है और घर में हमेशा खुशहाली छाई रहती है।
मानसिक शांति और धन लाभ: घर का वातावरण शुद्ध होने से परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम बढ़ता है, मानसिक अशांति दूर होती है और बंद किस्मत के दरवाजे खुलने से धन की देवी लक्ष्मी का घर में वास होता है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
