पिठोरी अमावस्या 2026: जानें इस शुभ तिथि पर क्या करें, क्या न करें और पितरों को कैसे करें प्रसन्न?
पिठोरी अमावस्या, जिसे कुशाग्रहणी अमावस्या भी कहते हैं, पर पितरों का आशीर्वाद पाने के लिए स्नान, दान और पितृ कर्म का विशेष महत्व है।

पिठोरी अमावस्या महत्व और अनुष्ठान (Picture Credits- AI Images)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को पिठोरी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। इस दिन स्नान, दान, पितृ कर्म करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यताओं के मुताबिक ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद परिवार के प्रत्येक सदस्य को प्राप्त होता है। पिठोरी अमावस्या को कुशाग्रहणी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इस दिन वर्ष भर पितरों की पूजा के लिए कुश जमा की जाती है।
पिठोरी अमावस्या के दिन भूलकर भी कुछ ऐसे कामों को करने से बचना चाहिए, जिससे पूर्वज नाराज हो सकते हैं। आइए जानते हैं पिठोरी अमावस्या पर क्या करना चाहिए और क्या करने से बचना चाहिए?
पिठोरी अमावस्या पर क्या न करें?
पिठोरी अमावस्या के दिन घर में भूलकर लड़ाई-झगड़ा नहीं करना चाहिए। इसके साथ ही किसी को भी ऐसी बातें न बोलें जो आहत करने का काम करें।
हिंदू धर्म और शास्त्रों में अन्न और भोजन की बर्बादी करना पाप माना जाता है। इस नियम का पालन अमावस्या तिथि पर खासतौर पर किया जाता है। माना जाता है कि, इस दिन अनाज की बर्बादी करने से मां नाराज हो सकती है।
हिंदू धर्म शास्त्रों में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व होता है। इस दिन बुजुर्गों, जरूरतमंदों और असहाय लोगों का अपमान करने से बचना चाहिए। इसके साथ ही पितरों का अनादर भी न करें।

पिठोरी अमावस्या पर क्या करना चाहिए?
पिठोरी अमावस्या पर सुबह जल्दी उठने के बाद पवित्र नदी में स्नान करने के विधान है। इसके बाद साफ वस्त्र धारण करें।
नित्यकर्म करने के पश्चात श्रद्धापूर्वक मन से पितरों को याद करना चाहिए।
अमावस्या तिथि पर दान-पुण्य से जुड़े कार्य करने के साथ जरूरतमंदों को अनाज, वस्त्र, तिल आदि चीजों का दान करना चाहिए।
पिठोरी अमावस्या पर अपनी क्षमता अनुसार जरूरतमंदों को भोजन कराना पुण्य का काम माना जाता है। माना जाता है कि इस दिन असहाय व्यक्ति की मदद करने से पुण्य मिलता है।
पिठोरी अमावस्या के दिन मन और तन से सात्विक और शुद्ध रहने की कोशिश करनी चाहिए। इसके अलावा इस दिन घर की बुजुर्गों की सेवा और सम्मान करना शुभ माना जाता है।
पिठोरी अमावस्या पर पितरों को क्या अर्पित करें?
अमावस्या तिथि पर पितरों के नाम पर जल और काले तिल अर्पण करना चाहिए। इसके अलावा आप इस दिन अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुरूप तर्पण कर सकते हैं। इसके साथ ही पितरों के नाम से अपनी क्षमता के मुताबिक सात्विक भोजन जरूरतमंदों को कराएं।
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