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पितृपक्ष में चींटियों को आटा क्यों डालते हैं? गरुड़ पुराण में छिपा है ये हैरान करने वाला रहस्य

Published: Mon, 05 Oct 2026 12:00 PM (IST)

पितृपक्ष में चींटियों को आटा खिलाना शुभ माना जाता है, क्योंकि गरुड़ पुराण के अनुसार यह सूक्ष्म योनि में भटके ...और पढ़ें

चीटियों को आटा डालने से मिलेंगे शुभ परिणाम (Picture Credit- AI Generated)

चीटियों को आटा डालने से मिलेंगे शुभ परिणाम (Picture Credit- AI Generated) 

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संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, पितृपक्ष का समापन 10 अक्टूबर को होगा। पितृपक्ष की अवधि में पितरों का श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में इन अनुष्ठानों को करने से नाराज पितर प्रसन्न होते हैं और पितृ दोष की समस्या दूर होती है।

इसके अलावा पितृपक्ष में पवित्र नदियों में स्नान और दान करने का भी विधान है। श्राद्ध कर्म के दौरान गाय, कुत्ते और कौए के साथ-साथ चींटियों के लिए भी भोजन का अंश निकाला जाता है। अक्सर लोग पितृपक्ष के दौरान चींटियों के लिए दाना या आटा डालते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसा क्यों किया जाता है? अगर नहीं, तो आइए इस आर्टिकल में हम आपको विस्तार से इसके पीछे की वजह बताते हैं।

क्या है वजह?

गरुड़ पुराण के अनुसार, मृत्यु के बाद व्यक्ति के कर्मों के आधार पर आत्माएं विभिन्न योनियों में जाती हैं। अगर कोई पूर्वज अपने कर्मों के कारण कीट-पतंग या किसी सूक्ष्म योनि में भटक रहा है, तो पितृपक्ष के दौरान चींटियों को डाला गया आटा सीधे उन्हें प्राप्त होता है और उन्हें असीम तृप्ति देता है। इसी वजह से पितृपक्ष की अवधि में चींटियों को दाना डालने का विशेष विधान है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिपीलिका बलि सनातन धर्म में पंचबली कर्म का ही एक हिस्सा है। पितृपक्ष के समय गाय, कुत्ते, कौए और देवताओं के साथ-साथ चींटियों के लिए भी अन्न निकाला जाता है, जिसे पिपीलिका बलि के नाम से जाना जाता है। चींटियों को दाना डालना इस बात का प्रतीक है कि श्राद्ध का अन्न ब्रह्मांड के हर छोटे-बड़े जीव तक पहुंचना चाहिए।

सुख-समृद्धि में होती है वृद्धि

आटे में चीनी मिलाकर चींटियों को डालने से घर में सुख-शांति का वास होता है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिसका सीधा प्रभाव परिवार के सभी सदस्यों पर पड़ता है। इसके अलावा, जीवन में कई सकारात्मक और बड़े बदलाव भी आते हैं।

पितृ दोष होता है दूर

अगर आपकी कुंडली में पितृ दोष है, तो ऐसी स्थिति में चींटियों के लिए दाना या आटा जरूर डालें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चींटियों को दाना डालने से पितृ दोष दूर होता है और रुके हुए कार्यों में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं। साथ ही, आर्थिक स्थिति मजबूत होने और धन लाभ के योग भी बनते हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।