विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

श्रीकृष्ण के पैरों में क्यों होते हैं शंख, चक्र और कमल? बहुत कम लोग जानते हैं इन दिव्य चिह्नों का रहस्य

Published: Fri, 04 Sep 2026 06:30 PM (GMT+05:30)

जन्माष्टमी के महापर्व पर भगवान श्रीकृष्ण के चरण कमलों का विशेष महत्व है। इनके चरणों में अंकित ध्वजा, कमल, वज्र ...और पढ़ें

मोक्ष का द्वार हैं श्रीकृष्ण के चरण कमल (AI-Generated Image)

 मोक्ष का द्वार हैं श्रीकृष्ण के चरण कमल (AI-Generated Image)  

HighLights

  1. श्रीकृष्ण के चरण चिह्न दुख दूर कर मोक्ष देते हैं।

  2. कमल, ध्वजा, वज्र जैसे 19 दिव्य चिह्न अंकित हैं।

  3. ये चिह्न आध्यात्मिक शांति और परम भक्ति प्रदान करते हैं।

धर्म में डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में जन्माष्टमी (Janmashtami 2026) के महापर्व का अधिक महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की साधना करने से जीवन में आने वाले दुख दूर होते हैं और शुभ परिणाम की प्राप्ति होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, यह पर्व आज यानी 4 सितंबर को मनाया जा रहा है। श्रीकृष्ण के हर स्वरूप का बेहद खास महत्व है। सनातन धर्म में भगवान श्रीकृष्ण के चरण कमलों को समस्त तीर्थों का सार और मोक्ष का द्वार माना गया है।

श्रीकृष्ण के चरण कमलों में कई चिन्ह हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के इन पवित्र चिह्नों का ध्यान करने व्यक्ति के के सभी कष्ट कट जाते हैं और उसे जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति मिल जाती है। क्या आप जानते हैं कि लड्डू गोपाल के चरणों में बने चिन्ह का क्या महत्व है और इससे क्या संदेश मिलते हैं। अगर नहीं पता, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको एस्ट्रोपत्री के श्री चंद्रेश शर्मा जी के अनुसार बताते हैं इसके बारे में विस्तार से।

श्री चंद्रेश शर्मा जी के अनुसार, भगवान श्री कृष्ण के श्रीचरणों में 19 पवित्र दिव्य चिह्न जैसे ध्वजा, कमल, वज्र, अंकुश, यव, चक्र आदि अंकित हैं। ये चिह्न केवल शारीरिक लक्षण नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय शक्तियों के प्रतीक हैं।

दिव्य चिह्नों का महत्व और संदेश

कमल का चिह्न: निष्काम प्रेम और जल में रहकर भी निर्लिप्त रहने की सीख देता है।
ध्वजा का चिह्न: विजय और शरण में आए भक्त की सुरक्षा का संकेत देती है।
वज्र का चिह्न: भक्त के पापों और अज्ञान को नष्ट करने की क्षमता दर्शाता है।
चक्र का चिह्न: संसार चक्र से मुक्ति का मार्ग दिखाता है।
आध्यात्मिक शांति: जब भक्त भगवान के चरणों का ध्यान करते हैं, तो ये चिह्न उनके मन से सांसारिक ताप को मिटाकर आध्यात्मिक शांति और परम भक्ति प्रदान करते हैं।

यह भी पढ़ें- जन्माष्टमी पर घर ला रहे हैं लड्डू गोपाल? पंचामृत स्नान से लेकर शयन तक, यहां पढ़ें स्थापना की सही विधि

भगवान श्रीकृष्ण के चरणों का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में ही ब्रह्मांड के सभी पवित्र तीर्थ समाहित हैं। इसलिए इनके चरणों का ध्यान और चरणामृत से आत्मा की परम शुद्धि होती है। साथ ही प्रभु की कृपा से जीवन में सदैव सुख-शांति बनी रहती है। पूजा के दौरान भक्त का ध्यान भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में होना चाहिए। इससे एकाग्रता में वृद्धि होती है और मन भटकता नहीं है।

यह भी पढ़ें- कान्हा को क्यों प्रिय है वैजयंती माला? ज्योतिषाचार्य से जानें इस चमत्कारी आभूषण का अनसुना रहस्य

यह भी पढ़ें- जन्‍माष्‍टमी पर लड्डूगोपाल का अभिषेक होने के बाद बने पंचामृत का क्‍या करें?

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।