जब 6 महीने सोता था कुंभकर्ण, तब लंका की ढाल बनती थी यह रहस्यमयी स्त्री! पढ़ें वज्रज्वाला की अनसुनी कहानी
रामायण में कुंभकर्ण की पत्नी वज्रज्वाला एक रहस्यमयी स्त्री थीं, जिनके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। जब कुंभकर्ण ...और पढ़ें

कुंभकर्ण की पत्नी वज्रज्वाला लंका की सुरक्षा की ढाल कैसे बनीं (Picture Credit: AI Genrated)
HighLights
कुंभकर्ण की पत्नी वज्रज्वाला का रामायण में उल्लेख।
कुंभकर्ण की निद्रा में लंका की सुरक्षा संभालती थीं।
वज्रज्वाला शस्त्र विद्या में भी निपुण थीं।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। रामायण में कई ऐसे चरित्र हैं जिनके बारे में लोग आज भी अनजान हैं। वहीं रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण जैसे योद्धाओं की वीरता के किस्से खूब सुनने को मिलते हैं, लेकिन इनकी पत्नियों और परिवार की अन्य महिलाओं के चरित्र के बारे में आज भी बातें अनसुनी ही हैं।
जिस तरह से रावण की पत्नी मंदोदरी की एक अलग पहचान है, उसी तरह एक और स्त्री हैं जो रावण के परिवार की ही थीं, लेकिन उनके बारे में शायद ही आपको पता होगा। वो स्त्री थीं कुंभकर्ण की पत्नी वज्रज्वाला।
वज्रज्वाला के बारे में कुंभकर्ण की पत्नी के रूप में कुछ लोककथाओं में भले ही सुनने को मिलता हो, लेकिन आज भी लोग उनके चरित्र से अनजान हैं। आइए आपको बताते हैं उनसे जुड़ी कथाओं के बारे में।
कौन थीं कुंभकर्ण की पत्नी वज्रज्वाला
वाल्मीकि रामायण के उत्तरकांड के 12वें सर्ग में रावण और उसके भाइयों के विवाह का प्रसंग विस्तार से मिलता है। इसी प्रसंग में वज्रज्वाला का उल्लेख किया गया है। श्लोक 12.23 के अनुसार, वे वैरोचन की दौहित्र थीं। रावण ने अपने भाई कुंभकर्ण का विवाह उनसे करवाया था।
इस तरह वज्रज्वाला का संबंध असुर वंश से ही था। वज्रज्वाला के व्यक्तित्व को लेकर प्रचलित कथाओं में उन्हें सुंदर, गुणवान और पतिव्रता स्त्री बताया गया है। ऐसा भी माना जाता है कि जिस समय कुंभकर्ण निद्रा में जाता था, तब उनका दायित्व वज्रज्वला ही निभाती थीं।
कुंभकर्ण की निद्रा के दौरान क्या करती थीं वज्रज्वाला?
कुंभकर्ण के जीवन का सबसे बड़ा रहस्य उनकी छह महीने की निद्रा थी। पौराणिक कथाओं और रामायण के प्रसंगों के अनुसार, ब्रह्मा जी से वरदान मांगते समय हुई एक घटना के कारण उन्हें लंबी निद्रा का वरदान मिला था और वो छह महीने सोते थे और 6 महीने जागते थे।
ऐसे में वज्रज्वाला का जीवन भी सामान्य नहीं था। जिस समय कुंभकर्ण सोता था उस समय लंका की सुरक्षा का भार वज्रज्वला के हाथों में ही होता था।
वाल्मीकि रामायण में छुपा है वज्रज्वला का रहस्य
वाल्मीकि रामायण के उत्तरकांड में रावण के वंश और परिवार का वर्णन करते हुए वज्रज्वाला का उल्लेख मिलता है। यहां एक बेहद दिलचस्प बात सामने आती है। वज्रज्वाला का संबंध महाबली के वंश से था। महाबली किन चर्चा भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा में सुनने को मिलती है।
रामायण में कुंभकरण का विशाल शरीर, उसकी असाधारण शक्ति और युद्ध में उसका भयानक रूप विस्तार से सामने आता है। वहीं वज्रज्वाला के बारे में इसके विपरीत बहुत कम जानकारी मिलती है। वज्रज्वला शस्त्र विद्या में भी निपुण थीं और कुंभकर्ण के साथ रावण की प्रयोगशाला में शस्त्रों पर कई प्रयोग भी करती थीं।
वास्तव में वज्रज्वला की कहानी हमें याद दिलाती है कि किसी महाकाव्य को समझने के लिए योद्धाओं के साथ उनके परिवार के लोगों के बारे में भी जानना जरूरी है।
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