दीवाली के अगले दिन कब उठानी चाहिए पूजा की चौकी? टूटे दीये और बासी फूलों से जुड़ी खास बातें
दीवाली पर लक्ष्मी पूजा के बाद चौकी, कलश और बचे हुए दीयों का क्या करना चाहिए, यह सवाल कई लोगों ...और पढ़ें

दीवाली पूजा सामग्री विसर्जन नियम (Picture Credits- AI Images)
HighLights
साफ दीयों को धोकर भविष्य के त्योहारों में उपयोग करें।
फूलों और पत्तों को कचरे में न फेंकें, मिट्टी में दबाएं।
अक्षत और अनाज पक्षियों व जानवरों को खिलाना चाहिए।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। दीवाली की रौनक और पूजा-पाठ खत्म होने के बाद अक्सर कई लोगों के मन में एक सवाल आता है कि अब पूजा की चौकी, कलश और बचे हुए दीयों का क्या करना चाहिए? कई लोग इन्हें जाने-अनजाने में गलत तरीके से हटा देतें हैं, जो कि धार्मिक नजरिए से सही नहीं माना जाता है।
ऐसे में दीवाली पर लक्ष्मी पूजन होने के बाद चौकी को कब और कैसे हटाना चाहिए, इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी माना गया है। इसके अलावा दीवाली पर इस्तेमाल होने वाले दीयों और विसर्जन वाली सामग्री का भी क्या करें आइए जानते हैं इसके बारे में।
दीवाली के बाद बचे दीयों और पूजा सामग्री का क्या करें?
दीवाली खत्म होने के बाद कई लोग दीयों को वहीं रहने देते हैं। ऐसे में अगर दीये साफ और साबुत हैं, तो उन्हें अच्छे से पानी में साफ करके और सुखाकर आने वाले त्योहारों में इस्तेमाल करना बेहतर विक्लप साबित हो सकता है। इन दीयों का इस्तेमाल आप रोजाना की पूजा में भी कर सकते हैं।
वहीं टूटे या इस्तेमाल हो चुके दीयों को भी इधर-उधर फेंकने की बजाय उन्हें मिट्टी के गमले में दबा दें। ऐसा करने से समय के साथ पुराने दीये समय के साथ मिट्टी में दब जाते हैं।
फूल और माला
पूजा में इस्तेमाल होने वाले फूल और पत्ते को कचरे में नहीं फेंकना चाहिए। इन्हें फेंकने के बजाय आप इन्हें जमीन में दबा सकते हैं। ऐसा करना धार्मिक नजरिए से सही इसलिए माना जाता है क्योंकि इससे फूल का अपमान नहीं होता है और समय के साथ यह मिट्टी में मिल जाते हैं।
बचें हुए अक्षत और अनाज का क्या करें?
दीवाली पर होने वाली लक्ष्मी पूजा पर अक्षत और अनाज का इस्तेमाल किया जाता है। पूजा होने के बाद कई लोग इन्हें जानें-अनजाने में बाहर खुले में ही फेंक देते हैं। पूजा में इस्तेमाल होने वाली किसी भी चीज को बाहर खुले में फेंकना अनादर माना जाता है। इसलिए बचे हुए अक्षत और अनाज को इकट्ठा करके पक्षियों और जानवरों को डाल देना चाहिए।
कलश का पानी और नारियल
दीवाली की पूजा पर कलश से भरा पानी और नारियल का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस दौरान कलश के जल को पूजा खत्म होने के बाद पौधे में डाल देना चाहिए। वहीं नारियल को प्रसाद स्वरूप मानकर परिवार के प्रत्येक सदस्य में बांटकर खाना चाहिए।
लक्ष्मी पूजा की चौकी कब हटाना सही?
दीवाली पर होने वाली लक्ष्मी पूजा होने के बाद पूजा की चौकी को अगले दिन स्नान-ध्यान करने के बाद हटाई जा सकती है। कई घरों में मां लक्ष्मी की चौकी गोवर्धन पूजा के बाद हटाई जाती है। मां लक्ष्मी की चौकी हटाने का फैसला आपकी धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित हो सकता है।
इस बात का ध्यान रखें कि मां लक्ष्मी का विसर्जन नहीं किया जाता है, तो चौकी से मां लक्ष्मी और गणेश जी की प्रतिमा हटाने के बाद आप इसे अपने घर के मंदिर में स्थापित कर सकते हैं।
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