विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'या तो शादी करो या युद्ध...' जब राक्षस की जिद पर मां दुर्गा ने धारण किया देवी चंडिका का उग्र रूप!

Published: Thu, 15 Oct 2026 04:00 PM (IST)

देवी दुर्गा का उग्र रूप मां चंडिका दुष्टों का नाश करने वाली शक्ति देवी हैं, जिन्होंने शुंभ और निशुंभ जैसे ...और पढ़ें

देवी चंडिका उत्पत्ति कथा

देवी चंडिका उत्पत्ति कथा

HighLights

  1. मां चंडिका देवी दुर्गा का उग्र और शक्तिशाली रूप हैं।

  2. उन्होंने शुंभ, निशुंभ, चंड और मुंड राक्षसों का वध किया।

  3. हरिद्वार में नील पर्वत पर स्थित है प्रसिद्ध चंडी मंदिर।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू पौराणिक कथाओं और धार्मिक ग्रंथों में देवी दुर्गा के उग्र रूप को'चंडिका' के नाम से भी जाना जाता है। मां चंडिका दुष्टों का नाश करने वाली और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करने वाली शक्ति देवी हैं।

पौराणिक कथाओं के मुताबिक, देवी चंडी ने 'चंड और मुंड' नामक दो राक्षसों का वध किया था, जिस वजह से उन्हें 'चंडी' या 'चंडिका' कहकर बुलाया जाने लगा। वे अपने भक्तों की रक्षा करने के लिए हमेशा तैयार रहती हैं और उन्हें सभी संकटों से मुक्ति दिलाती हैं।

देवी चंडिका की पौराणिक कथा

पौराणिक कथा के मुताबिक, शुंभ और निशुंभ नाम के दो राक्षसों ने भगवान इंद्र से उनका स्वर्ग छीन लिया था। तब भगवान इंद्र सहायता के लिए मां पार्वती के पास पहुंचे और देवी पार्वती ने चंडिका देवी का अवतार लिया। राक्षस शुंभ देवी के सौंदर्य पर मोहित हो गया और उनसे विवाह करने की इच्छा जताई, लेकिन देवी ने उसका प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया।

तब राक्षस शुंभ ने अपने दो खास राक्षसों चंड और मुंड को युद्ध के लिए भेजा। देवी चंडिका ने चंड और मुंड दोनों राक्षसों का अंत कर दिया। चंड-मुंड का वध करने के बाद शुंभ और निशुंभ दोनों राक्षसों ने देवी चंडी केसाथ युद्ध किया, लेकिन दोनों ही देवी के हाथों मारे गए।

चंडी देवी का मंदिर

हरिद्वार में मां चंडी का मंदिर स्थित है, जो नील पर्वत के शिखर पर बसा है। यह प्रसिद्ध शक्तिपीठों में भी शामिल है। माना जाता है कि इस मंदिर की मूर्ति को महान आध्यात्मिक संत आदि शंकराचार्य ने आठवीं शताब्दी में स्थापित किया था। देवी चंडी को यहां चंडिका के नाम से जाना जाता है, जो इस मंदिर की इष्टदेवी भी हैं।

माना जाता है कि मां चंडिका की पूजा अर्चना करने से शत्रु पर जीत हासिल होती है। इसके अलावा व्यक्ति को अगर किसी बात का डर सता रहा है, तो मां का नाम लेने से मुसीबत टल जाती है।

भारत में चंडी माता का मंदिर

भारत वर्ष में चंडी माता के कई मंदिर हैं, जिनकी अपनी-अपनी मान्यता हैं। हरिद्वार, पंचकूला, हापुड़, छत्तीसगढ़, कटक (ओडिशा) और किश्तवाड़ा जम्मू कश्मीर में भी मां चंडिका का मंदिर बना हुआ है।

यह भी पढ़ें- दुर्गा पूजा की मूर्ति में मां की आंखें क्यों होती हैं खास? ‘चक्षुदान’ की इस परंपरा का रहस्य कर देगा हैरान

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड का रहस्यमयी मां कोटगाड़ी मंदिर, जहां चिट्ठी और स्टाम्प पेपर पर लिखकर अर्जी लगाने से मिलता है न्याय

अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।