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शारदीय नवरात्र खत्म होते ही कलश में रखे नारियल, जवारों और अन्य सामग्रियों का क्या करना चाहिए?

Published: Mon, 19 Oct 2026 04:30 PM (IST)Updated: Mon, 19 Oct 2026 04:54 PM (IST)

शारदीय नवरात्र के समापन पर कलश में रखी सामग्री जैसे नारियल, जवारे और चावल का उचित निपटान कैसे करें, यह ...और पढ़ें

कलश में रखे नारियल का सही उपयोग कैसे करें, जानें नियम (Picture Credit: AI Generated)

कलश में रखे नारियल का सही उपयोग कैसे करें, जानें नियम (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. कलश के चावल घर में समृद्धि के लिए छिड़कें।

  2. नारियल को प्रसाद के रूप में बांटें, जल घर में छिड़कें।

  3. जवारों को पर्स या तिजोरी में रखें, बाकी प्रवाहित करें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्र का विशेष महत्व है और इस उत्सव की धूम पूरे 10 दिनों तक चलती है। आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा के दिन शारदीय नवरात्र आरंभ होती है और दशहरा के दिन इसका समापन माना जाता है। इस दौरान माता दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा होती है उन्हें प्रसन्न करने के लिए कई उपाय किए जाते हैं।

इस दौरान पहले दिन जहां कलश स्थापित किया जाता है वहीं समापन के बाद इस कलश का विसर्जन भी करना चाहिए। कलश में स्थापना के समय जल के साथ अक्षत और सिक्का रखा जाता है और इसके ऊपर नारियल रखा जाता है। यही नहीं इसमें 4 आम के पत्ते भी रखे जाते हैं।

जिस तरह से कलश स्थापना के कई नियम हैं, उसी तरह से कलश हटाने को लेकर भी कई बातें बताई गई हैं। आइए आपको बताते हैं नवरात्र व्रत पारण के बाद बची हुई सामग्री, नारियल और जवारों का क्या करना चाहिए।

कलश के नीचे रखे चावल का क्या करें

जब माता का कलश स्थापित किया जाता है तब कलश के नीचे चावल रखे जाते हैं। ऐसे में शारदीय नवरात्र के पूजन और व्रत के पारण के बाद आपको इस चावल के दानों को घर के चारों ओर छिड़कना चाहिए और घर में समृद्धि की प्रार्थना माता दुर्गा से करनी चाहिए। ऐसा करने से घर से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सुख-समृद्धि बनी रहती है।

इसके साथ ही आप चावल के कुछ दाने अपनी पर्स या पैसों वाले स्थान पर रखें जिससे आपके ऊपर सदैव माता की कृपा बनी रहेगी और कभी भी धन की कमी नहीं होगी। यदि चावल बच जाते हैं, तो उन्हें घर में रखे गमलों या घर के बगीचे में डाल देना चाहिए।

कलश में रखे नारियल और जल का क्या करें

शारदीय नवरात्र में व्रत के समापन के बाद कलश में रखे नारियल को माता की प्रतिमा के सामने तोड़ना चाहिए और उस प्रसाद को कन्या पूजन के समय सभी कन्याओं को प्रसाद के रूप में बांट देना चाहिए।

इसे घर के सभी लोगों को भी ग्रहण जरूर करना चाहिए। इस नारियल को आपको जिस दिन घर में हवन और कन्या पूजन हो रहा हो उसी दिन प्रसाद के रूप में बांटना चाहिए। इसके साथ ही, कलश में रखे जल को आप पूरे घर में छिड़कें और जो जल बच जाए उसे घर में रखे किसी साफ गमले में डाल दें।

जवारों का क्या करना चाहिए

माता के कलश के पास जो जवारे उगते हैं उन्हें कलश विसर्जन के समय निकालकर अलग रख लेना चाहिए और उसमें से कुछ जवारों को अपने पर्स में रखें और घर से सभी सदस्यों को ये जवारे रखने को दें। घर के पूजा वाले स्थान कर कुछ जवारे ऐसे रखें जिसमें किसी की नजर न पड़े जैसे माता की तस्वीर के पीछे रखें।

यही नहीं आप इन्हें घर की तिजोरी या पैसों की अलमारी में रखें। इससे आपके घर में सदैव बरकत बनी रहेगी। बचे हुए जवारों को किसी नदी में प्रवाहित कर दें या किसी बगीचे में दबा दें। आप इन्हें किसी पवित्र पेड़ के नीचे भी रख सकते हैं।

अगर आप कलश विसर्जन के समय यहां बताए नियमों का पालन करेंगे, तो आपको व्रत का पूरा फल मिलेगा और जीवन में खुशहाली बनी रहेगी।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।