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शारदीय नवरात्र 2026: घट स्थापना के बाद घर में भूलकर भी न करें ये 3 गलतियां, निष्फल हो जाएगी पूरी पूजा!

Published: Wed, 07 Oct 2026 08:25 PM (IST)

शारदीय नवरात्र में घट स्थापना के बाद कुछ गलतियों से बचना चाहिए ताकि माता दुर्गा की कृपा बनी रहे। इस ...और पढ़ें

शारदीय नवरात्र में घट स्थापना के बाद इन गलतियों से बचें (Picture Credit: AI Generated)

शारदीय नवरात्र में घट स्थापना के बाद इन गलतियों से बचें (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. घट स्थापना के बाद घर को अकेला न छोड़ें।

  2. नवरात्र में तामसिक भोजन का सेवन बिल्कुल न करें।

  3. घर में लड़ाई-झगड़े और कलह-कलेश से बचें।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र के नौ दिनों में माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है और माता का आशीर्वाद लिया जाता है। इस दौरान लोग घर में घट स्थापना या कलश स्थापना करते हैं और घर में शुद्धता बनाए रखते हैं जिससे माता प्रसन्न होती हैं और भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति करती हैं। 

घट स्थापना करके घर में माता रानी का आह्वान किया जाता है और कुछ दिनों के लिए मां को कलश के माध्यम से घर में स्थापित किया जाता है।

जिस तरह से कलश स्थापित करने के लिए कुछ विशेष नियम बताए गए हैं, उसी तरह से आपको घट स्थापना करने के बाद भी कुछ गलतियों से बचना चाहिए जिससे मां की कृपा आपके ऊपर बरसती रहे। आइए जानें कौन सी हैं वो गलतियां जो आपको घाट स्थापना के बाद नहीं करनी चाहिए।

घर को अकेला छोड़ना

घट स्थापना के बाद घर में स्थापित कलश और अखंड ज्योत की देखभाल करना करना जरूरी होता है। यदि आपने घर में अखंड ज्योत जगाई है, तो वो गलती से भी बुझनी नहीं चाहिए।

यही नहीं आपको कभी भी अखंड ज्योत को अकेला नहीं छोड़ना चाहिए। चूंकि कलश के साथ माता को घर में स्थापित किया जाता है और ऐसे में घर को अकेला छोड़ना और घर में ताला लगाने से माता दुर्गा नाराज हो सकती हैं। पूजा स्थल को हमेशा साफ-सुथरा रखें और कलश का पूरी तरह से सम्मान करें।

तामसिक भोजन करना

नवरात्र के दौरान सात्विक भोजन का विशेष महत्व बताया गया है। यदि आप इस दौरान उपवास नहीं भी करते हैं, तब भी इन नौ दिनों में तामसिक भोजन से बचना चाहिए।

आपको इस दौरान भूलकर भी मांस-मदिरा या लहसुन प्याज को भोजन में शनील नहीं करना चाहिए। घट स्थापना के बाद घर में तामसिक भोजन करने से माता का अपमान होता है और आपको पूजा का फल भी नहीं मिलता है। इस दौरान आप जितना ज्यादा सात्विक रहते हैं उतना ही आपके लिए अच्छा माना जाता है। सात्विक भोजन से मन शांत रहता है और भक्ति में मन लगता है।

घर में लड़ाई-झगड़े करना

शारदीय नवरात्र को माता दुर्गा की उपासना और आत्मिक शुद्धि का समय माना जाता है। ऐसे में घर में बेवजह क्रोध और कटु शब्दों का प्रयोग करने से बचने की सलाह दी जाती है। इस दौरान परिवार के सदस्यों को आपसी प्रेम और शांति बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए और किसी भी तरह का कलह-कलेश नहीं करना चाहिए। इससे आपका पूजा में मन लगेगा और माता दुर्गा का आशीर्वाद भी मिलेगा।

अगर आप भी शारदीय नवरात्र के दौरान घर में घट स्थापना करते हैं, तो आपको यहां बताई गलतियों से बचना चाहिए जिससे माता दुर्गा की कृपा दृष्टि आपके जीवन में सदैव बनी रहे।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।