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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Shani Dhaiya: इस दिन वृश्चिक राशि के जातकों को शनि की ढैय्या से मिलेगी मुक्ति, रोजाना करें ये उपाय

By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
Published: Wed, 26 Jun 2024 02:03 PM (IST)

मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा की जाती है। साथ ही मंगलवार का व्रत रखा जाता है। हनुमान जी ...और पढ़ें

Shani Dhaiya: 29 जून को शनि देव बदलेंगे अपनी चाल
Shani Dhaiya: 29 जून को शनि देव बदलेंगे अपनी चाल

HighLights

  1. वर्तमान समय में मंगल देव मेष राशि में विराजमान हैं।
  2. ग्रहों के सेनापति मंगल देव मेष राशि में 21 जुलाई तक रहेंगे।
  3. मकर और कुंभ राशि के स्वामी न्याय के देवता शनिदेव हैं।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Shani Dhaiya: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को धन का कारक माना जाता है। वर्तमान समय में देवगुरु बृहस्पति वृषभ राशि में विराजमान हैं और वृश्चिक राशि के जीवनसाथी भाव में उपस्थित हैं। इस भाव से कारोबार और भागीदारी की भी गणना की जाती है। गुरु के राशि परिवर्तन से वृश्चिक राशि के जातकों को विशेष लाभ प्राप्त होगा। हालांकि, वर्तमान समय में वृश्चिक राशि के जातक शनि की ढैय्या से भी पीड़ित हैं। ज्योतिषियों की मानें तो शनि की ढैय्या के दौरान जातक को जीवन में कर्म अनुसार फल प्राप्त होता है। इस राशि के स्वामी मंगल देव हैं और आराध्य राम भक्त हनुमान जी हैं। हनुमान जी की पूजा करने से शनि दोष दूर होता है। अत: वृश्चिक राशि के जातक हनुमान जी की विधि-विधान से पूजा करें। आइए जानते हैं कि वृश्चिक राशि के जातकों को कब शनि की ढैय्या से मुक्ति मिलने वाली है?

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वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल देव हैं और आराध्य मर्यादा पुरोषत्तम भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी हैं। इस राशि के जातकों के लिए शुभ रंग लाल है और शुभ अंक 1 और 8 है। वहीं, शुभ दिन मंगलवार, गुरुवार और रविवार हैं। वृश्चिक राशि के जातक मंगलवार के दिन हनुमान जी की अवश्य पूजा करें। अगर आप रत्न धारण करना चाहते हैं, तो मूंगा रत्न धारण कर सकते हैं। हालांकि, धारण करने से पहले निकटतम ज्योतिष से अवश्य सलाह लें।

शनि गोचर

ज्योतिष गणना के अनुसार 29 मार्च, 2025 को शनिदेव राशि परिवर्तन करेंगे। इस दिन शनिदेव कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में शनिदेव कुल मिलाकर ढाई साल तक रहेंगे। इसके बाद मीन राशि से निकलकर मेष राशि में गोचर करेंगे। शनिदेव के राशि परिवर्तन के साथ ही मकर राशि के जातकों को शनि की साढ़े साती से मुक्ति मिल जाएगी। वहीं, वृश्चिक राशि के जातकों को शनि की ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी।  

उपाय

  • वृश्चिक राशि के जातक हर मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करें।
  • बजरंगबली की कृपा पाने के लिए रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • मंगलवार के दिन हनुमान जी को पूजा के समय सिंदूर अर्पित करें।
  • विशेष कार्य में सिद्धि पाने के लिए मंगलवार के दिन पवनसुत हनुमान को लड्डू भेंट करें।
  • मंगलवार का व्रत करने से भी साधक को हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है।     

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डिस्क्लेमर-''इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना में निहित सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्म ग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारी आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना के तहत ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'