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मस्कुलर, समतल या चौड़ी छाती? पुरुषों के सीने की बनावट बताती हैं उनकी पर्सानिलिटी से जुड़े 4 राज

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:35 PM (IST)

सामुद्रिक शास्त्र में व्यक्ति की छाती की बनावट उसके स्वभाव, आदतों और भविष्य के बारे में कई रहस्य उजागर करती है।

सामुद्रिक शास्त्र में छाती से व्यक्तित्व का अनुमान

सामुद्रिक शास्त्र में छाती से व्यक्तित्व का अनुमान

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सामुद्रिक शास्त्र एक प्राचीन भारतीय विज्ञान है, जिसमें व्यक्ति के शरीर की बनावट, अंगों के आकार और उन पर मौजूद निशानों को देखकर उसकी आदतों, स्वभाव और भविष्य से जुड़ी कई चीजों का अनुमान लगाया जा सकता है।

प्राचीन काल से ही व्यक्ति के चेहरे, हाथों और पैरों की बनावट को देखकर उसके स्वभाव और जीवन से जुड़े कई संकेतों का पता लगाया जाता रहा है। इस शास्त्र में व्यक्ति के शरीर के अलग-अलग अंगों की बनावट का खास महत्व बताया गया है। इसमें पुरुष की छाती की बनावट से जुड़े कुछ संकेतों को भी वर्णन किया गया है।

चौड़ी और सुडौल छाती शुभ

सामुद्रिक शास्त्र में दिए एक श्लोक में कहा गया है कि,

अभ्युन्नतेन मांसोपचितेन सुसंहतेन भूमिभुजः।
हृदयेन महार्थजुषः पृथुना दीर्घायुषः पुरुषाः॥

अर्थात्- जिस पुरुष की छाती सुडौल और मांस से भरी हुई होती है, उसका सीना मजबूत होने के साथ बेहद शुभ माना जाता है। इनकी छाती की बनावट सुडौल होती है, जो समृद्ध, प्रतिष्ठा और लंबी आयु का संकेत देती है।

इसके अलावा चौड़ी छाती किसी भी पुरुष की व्यक्तित्व में चार चांद लगाने का काम करती है। सामुद्रिक शास्त्र में चौड़ी छाती को अच्छे जीवन से जोड़कर देखा गया है।

सीने पर मोटी नसें और खुरदरे बाल क्या बताते हैं?

सामुद्रिक शास्त्र में जिन लोगों की छाती पर मोटी नसें और खुरदरे बाल होते हैं उनके बारे में कहा गया है कि,

स्थूलशिरापरिकलितं खररोमसमन्वितं पुंसाम्।
हृदयं पुनः सकंपं निःस्वत्वं शश्वदाददते॥

अर्थात्- जिस पुरुष के सीन पर नसें बेहद साफ और मोटी दिखाई देती हो और छाती के बाल खुरदरे हों, तो इसे पुरुष के लिए शुभ नहीं माना गया है। सामुद्रिक शास्त्र में इस तरह की छाती को दरिद्रता से जोड़कर देखा जाता है।

समतल छाती क्या संकेत देती है?

सामु्द्रिक शास्त्र के मुताबिक, जिन पुरुषों का सीना एकदम समतल और सपाट होता है, वे पैसों के मामले में अमीर माने जाते हैं। ऐसे पुरुष भावुकता में आकर फैसले लेने के बजाय व्यवहारिक सोच रखते हैं। समतल सीने वाले पुरुषों में आपसी मेल-जोल की भावना कम देखने को मिलती है।

बिना बाल वाली छाती क्या संकेत देती है?

सामुद्रिक शास्त्र में बताया गया है कि, छाती में एक बाल भी न हो यानी रोम रहित हो, उसपर विश्वास नहीं किया जा सकता है। ऐसे लोग दूसरों की बातों को जानने में दिलचस्पी रखते हैं। ऐसे लोगों को अपने राज बचाने से बचना चाहिए।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।