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Rashi Anusar Rudraksha: राशि के अनुसार, आपको किस रुद्राक्ष को पहनने से मिलेगा विशेष लाभ?

By Suman SainiEdited By: Suman Saini
Published: Sat, 17 Jan 2026 12:30 PM (IST)

मेष से मीन तक प्रत्येक राशि के लिए एक विशेष रुद्राक्ष बतया गया है, जिसे धारण करने से आपको विशेष ...और पढ़ें

rashi anusar Rudraksha (Picture Credit: Freepik)

rashi anusar Rudraksha (Picture Credit: Freepik)

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संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। रुद्राक्ष का संबंध भगवान शिव से माना जाता है, जो बहुत ही पवित्र माना जाता है। आप अपनी राशि के अनुसार भी रुद्राक्ष धारण कर सकते हैं, जिसके विशेष लाभ देखने को मिलते हैं। चलिए जानते हैं इस बारे में।

राशि स्वामी ग्रह रुद्राक्ष
मेष और वृश्चिक मंगल तीन मुखी 
वृषभ और तुला शुक्र छह मुखी
मिथुन और कन्या बुध  चार मुखी 
कर्क  चंद्रमा दो मुखी
सिंह  सूर्य एक मुखी या बारह मुखी 
धनु और मीन बृहस्पति पांच मुखी
मकर और कुंभ शनि सात मुखी

वहीं अगर आप किसी विशेष लक्ष्य के लिए रुद्राक्ष पहनना चाहते हैं, तो ये इस तरह धारण कर सकते हैं -

Rudraksha AI

(AI Generated Image)

  • एकाग्रता और शिक्षा के लिए - छात्रों के लिए चार मुखी रुद्राक्ष धारण करना उत्तम माना जाता है। क्योंकि इस रुद्राक्ष को देवी सरस्वती का स्वरूप माना जाता है।
  • व्यापार और धन लाभ के लिए - यदि आप आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं, तो आपको सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इस रुद्राक्ष को महालक्ष्मी का स्वरूप माना गया है।
  • सुखी वैवाहिक जीवन के लिए - यदि पति-पत्नी के बीच बिना वजह अनबन बनी हुई है, तो ऐसे में आपको गौरी-शंकर रुद्राक्ष धारण करना चाहिए, जिसमें दो मनके प्राकृतिक रूप से जुड़े हुए होते हैं। इससे आपको अपनी स्थिति में लाभ देखने को मिल सकता है।

Rudraksha ग

  • डर और तनाव से मुक्ति के लिए - ऐसी स्थिति में आपको पांच मुखी रुद्राक्ष पहनना चाहिए, जिसे कोई भी धारण कर सकता है। इस रुद्राक्ष को सबसे सुरक्षित माना जाता है।
  • आत्मविश्वास में वृद्धि के लिए - यदि आपमें आत्मविश्वास की कमी है या फिर निर्णय लेने में डर लगता है, तो ऐसे में आपको एक मुखी या फिर ग्यारह मुखी रुद्राक्ष पहनने की सलाह दी जाती है। जहां एक मुखी रुद्राक्ष भगवान शिव का प्रतीक माना जाता है, वहीं ग्यारह मुखी रुद्राक्ष हनुमान जी का स्वरूप माना जाता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।