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Sphatik Mala Benefits: स्फटिक माला धारण करने का बना रहे हैं मन, तो पहले जान लें ये जरूरी नियम

By Suman SainiEdited By: Suman Saini
Published: Fri, 16 Jan 2026 12:55 PM (GMT+05:30)

स्फटिक माला को शुक्र और मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। इसे सही नियमों से धारण करने पर आपको ...और पढ़ें

Sphatik Mala Benefits in hindi (AI Generated Image)

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संक्षेप में पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। स्फटिक माला (Crystal Quartz) को पहनने के कई लाभ भी बताए गए हैं, लेकिन यह लाभ आपको तभी मिल सकते हैं, जब आप इससे जुड़े कुछ विशेष शास्त्रीय नियमों का पालन भी करें। ऐसा माना गया है कि बिना शुद्ध किए स्फटिक माला धारण करने से व्यक्ति को इसका पूर्ण प्रभाव नहीं मिलता। चलिए जानते हैं इस बारे में।

स्फटिक धारण करने से मिलते हैं ये लाभ

अगर आप नियमों का ध्यान रखते हुए स्फटिक माला को धारण करते हैं, तो इससे आपको मानसिक शांति मिलती है और एकाग्रता बढ़ती है। इसके साथ ही मां लक्ष्मी की कृपा से जातक को आर्थिक समृद्धि की भी प्राप्ति होती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, स्फटिक धारण करने से शुक्र ग्रह मजबूत होता है, जिससे धन, यश व आकर्षण बढ़ाता है। साथ ही यह आपकी आध्यात्मिक उन्नति में भी सहायक है।

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(AI Generated Image)

इस तरह करें धारण

  • सबसे पहले स्फटिक को पंचामृत यानी गंगाजल, कच्चे दूध, दही, शहद और घी के मिश्रण से स्नान करवाना चाहिए।
  • अब इसे गंगाजल से साफ करें और धूप-दीप दिखाकर मां लक्ष्मी के सामने रखें।
  • माला धारण करते समय या सिद्ध करते समय 108 बार इनमें से किसी एक मंत्र का जप करें -

लक्ष्मी मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः
शुक्र मंत्र: ॐ शुं शुक्राय नमः

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(AI Generated Image)

रखें इन बातों का ध्यान

स्फटिक को शुक्र ग्रह से संबंधित माना जाता है, ऐसे में इसे धारण करने के लिए शुक्रवार (Friday) का दिन सबसे उत्तम माना गया है। इसे हमेशा सुबह स्नान के बाद सूर्योदय के समय धारण करना चाहिए। इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें कि रात में सोते समय माला को उतारकर किसी साफ जगह या फिर पूजा स्थल पर रख दें।

सुबह स्नान के बाद इसे दुबारा धारण करें। अशुद्ध अवस्था या फिर सूतक के समय में इसे धारण करने से बचना चाहिए। अपनी पहनी हुई माला कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति को पहनने के लिए नहीं देनी चाहिए और न ही दूसरों की माला खुद पहनें। इन नियमों की अनदेखी करने पर स्फटिक माला से मिलने वाला प्रभाव कम हो सकता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।